कानपुर की ‘जलपरी’ के राज से उठ गया पर्दा, सामने आई हकीकत

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लखनऊ: पिछले सप्ताह चारो तरफ कानपुर की ‘जलपरी’ के चर्चा जोरों पर थी। एक लड़की ने कानपुर से गंगा नदी में तैरकर प्रयाग के रास्ते इलाहाबाद तक जाने की बात कही थी। उस समय सभी सोंच रहे थे कि आखिर लड़की यह कारनामा कैसे कर सकेगी। 11 साल की श्रृद्धा शुक्ल 570 किलोमीटर की ये यात्रा कैसे तय करेगी। आखिर वह कौन सी शक्ति है तो इस लड़की को असंभव से दिख रहे इस लक्ष्य तक पहुंचाएगी। लेकिन समय से पहले ही पता चल गया है कि इस मुश्किल यात्रा को पूरा करने में लड़की की मदद कोई शक्ति नहीं, बल्कि उसके पिता और कोच ललित शुक्ला कर रहे थे।

जलपरी की सच्चाई से उठ गया पर्दा

दरअसल, इस पूरे फर्जीवाड़े का एक वीडियो सामने आया है जिससे यह पता चल गया है कि यह पूरी खुराफात जलपरी बनी लड़की के पिता ललित की थी। न तो लड़की 570 किलोमीटर तैरने वाली थी और न ही कोई रिकॉर्ड बनाने वाली थी। ये सब इस लड़की के पिता की हवाबाजी थी।

मिली जानकारी के अनुसार, इस जलपरी के साथ-साथ एक नाव भी चल रही थी। जहां बस्ती या गांव का इलाका आता। वहां थोड़ी दूर पर ये इस लड़की को गंगा में उतार देते। फिर वहां ठहरने के बाद। थोड़ी दूर जा के फिर वापस नाव पर बैठा लेते। नाव के पीछे एक गत्ता बाँध रखा है। जिस पर लड़की को पहले उतारा जाता। उसके बाद जहां भीड़ होती, वहां लड़की तैरना शुरू कर देती थी।

यह पोल एक वीडियो के सामने आने से खुला है जो उस नाव में ही बैठे एक व्यक्ति ने बनाया था।

वीडियो में नाव में सवार एक आदमी बता रहा है कि घना लोचा है। बताया कि लड़की को एकाध किलोमीटर तैराते हैं। जहां भीड़ खत्म हो जाती है वहां बुलाकर नाव में बिठा लेते हैं। जहां भीड़ दिखती है, फिर कुदा देते हैं। चढ़ावा खूब चढ़ रहा है। और यह सब लड़की के पिता अकेले ही डकारते जा रहे हैं।

 

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