जलीकट्टू पर सुप्रीम कोर्ट सख्त, तमिलनाडु सरकार से किए सवाल

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नई दिल्‍ली। जलीकट्टू को लेकर सुप्रीम कोर्ट से एक बड़ी खबर आ रही है। जल्‍लीकट्टू पर सुप्रीम कोर्ट छह हफ्ते बाद सुनवाई करेगा। तमिलनाडु को अपना जवाब देने के लिए सुप्रीम कोर्ट ने छह महीने का समय दिया है। इससे पहले सुप्रीम कोर्ट ने तमिलनाडु सरकार को कड़ी फटकार लगाते हुए सवाल किया था कि जलीकट्टू के दौरान उग्र प्रदर्शन क्यों हुए और राज्य में लॉ एंड ऑर्डर क्यों बिगड़ा।

जजों की नियुक्ति

जल्‍लीकट्टू पर सुप्रीम कोर्ट के तेवर सख्‍त

सुप्रीम कोर्ट को जवाब देते हुए तमिलनाडु ने कहा कि जलीकट्टू पर हुए सभी प्रदर्शन शांतिपूर्ण थे। इसके अलावा सुप्रीम कोर्ट में यह भी कहा कि सर्वे के मुताबिक जब जलीकट्टू पर बैन लगा हुआ था उस वक्त करीब 5400 जानवर बिके थे। इसके साथ ही सुप्रीम कोर्ट ने जलीकट्टू के नए कानून पर रोक नहीं लगाई है।

कैसे दी गई मानयता

सुप्रीम कोर्ट ने तमिलनाडु सरकार से सवाल किया था कि क्या कुछ सुरक्षा मानकों के तहत परंपराओं के नाम पर जलीकट्टू जैसी परंपरा को अनुमति दी जा सकती है। इसके अलावा सवाल किया कि जलीकट्टू त्यौहार पशुओं के संरक्षण और क्रूरता अधिनियम, 1960 पर सुप्रीम कोर्ट द्वारा दिए नागराज मामले में 2014 को दिए गए फैसले से अलग नहीं है।

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