जानिए: 8 पुलिसकर्मियों के हत्यारे, विकास की गिरफ़्तारी से एनकाउंटर तक पूरी कहानी

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नई दिल्ली: कानपुर के बिकरू गांव में सीओ समेत 8 पुलिस वालों की हत्या करने वाला गैंगस्टर विकास दुबे शुक्रवार सुबह एनकाउंटर में मारा गया। यूपी एसटीएफ की टीम उसे उज्जैन से कानपुर ले जा रही थी, लेकिन शहर से 17 किमी पहले  बर्रा थाना क्षेत्र में सुबह 6:30 बजे काफिले की एक कार पलट गई। विकास उसी गाड़ी में बैठा था। विकास ने गाड़ी गिरने के बाद पुलिस से पिस्टल छीनकर हमला करने की कोशिश की। जवाबी कार्रवाई में वह बुरी तरह से जख्मी हो गया।

फिर विकास को अस्पताल ले जाया गया। जहां डॉक्टर ने उसे सुबह 7 बजकर 55 मिनट पर मृत घोषित कर दिया। विकास के शव से कोरोना की जांच के लिए सैंपल भी लिए गए हैं। उधर, कानपुर के एलएलआर हॉस्पिटल के  डॉक्टर आरबी कमल ने बताया, कि जख्मी तीन पुलिसकर्मियों की हालत स्थिर है। उधर, विकास दुबे को तीन गोली छाती में और एक बांह में लगी।

एडीजी (लॉ एंड ऑर्डर) प्रशांत कुमार ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में एनकाउंटर के बारे में जानकारी दी। उन्होंने बताया कि गाड़ी पलटने के बाद विकास ने भागने की कोशिश की। उसने एक घायल जवान की पिस्टल छीनी थी। हमने विकास से सरेंडर के लिए कहा, लेकिन उसने फायरिंग शुरू कर दी। पुलिस को बचाव में गोली चलानी पड़ी। फिलहाल, हमें गैंग के 12 वॉन्टेड अपराधियों की तलाश है।

हादसे को लेकर यूपी एसटीएफ के अफसर अभी कुछ बोलने से बच रहे हैं। माना जा रहा है कि तेज बारिश की वजह से गाड़ी पलट गई थी।

गिरफ्तारी के 21 घंटे के बाद मारा गया विकास
गुरुवार, 9 जुलाई:
सुबह 9 बजे: विकास उज्जैन में गिरफ्तार।
शाम 7 बजे: यूपी एसटीएफ की टीम को विकास सौंपा गया।
रात 8 बजे: एसटीएफ की टीम कानपुर के लिए रवाना।
शुक्रवार, 10 जुलाई:
देर रात 3:15 बजे: एसटीएफ की टीम झांसी पहुंची। कुछ देर बाद कानपुर के लिए रवाना हुई।
सुबह 6:15 बजे: काफिले ने कानपुर देहात बॉर्डर रायपुर से शहर में एंट्री की।
सुबह 6:30 बजे: एसटीएफ की गाड़ी पलटी। तभी विकास दुबे ने भागने की कोशिश की। फायरिंग शुरू हुई। विकास जख्मी हो गया।
सुबह 7:10 बजे: एसटीएफ विकास को हैलट अस्पताल लेकर पहुंची।
सुबह 7.55 बजे: विकास को मृत घोषित कर दिया गया।

बता दें वही मध्य प्रदेश के गृह मंत्री नरोत्तम मिश्रा ने कहा, कि कल जब उज्जैन में विकास गिरफ्तार हुआ था। तो भी कुछ लोग सवाल उठा रहे थे। एनकाउंटर के बाद भी लोग सवाल उठा रहे हैं। मध्य प्रदेश पुलिस विकास को उत्तर प्रदेश की सीमा तक सुरक्षित छोड़कर आई थी। कांग्रेस ने हमेशा जवानों की जांबाजी और मुस्तैदी पर ही सवाल उठाए हैं।

विकास दुबे को गुरुवार सुबह उज्जैन मंदिर में करीब 9 बजे गिरफ्तार किया गया था। डरा हुआ हिस्ट्रीशीटर गिरफ्तारी के वक्त चिल्ला रहा था। कि मैं विकास दुबे हूं, कानपुर वाला। इसके बाद पुलिस उसे पहले महाकाल थाना, पुलिस कंट्रोल रूम, नरवर थाना और फिर पुलिस ट्रेनिंग सेंटर लेकर गई। यहां उससे करीब दो घंटे तक पूछताछ की गई। इस बीच, खबर आ रही है कि विकास की पत्नी ऋचा, उसके बेटे और नौकर को लखनऊ के कृष्णानगर में हिरासत में लिया गया था।

इससे पहले बुधवार देर रात विकास दुबे के एक और करीबी प्रभात मिश्रा मारा गया था। प्रभात को पुलिस ने बुधवार को फरीदाबाद से गिरफ्तार किया था। यूपी पुलिस उसे ट्रांजिट रिमांड पर कानपुर ले जा रही थी। रास्ते में प्रभात ने भागने की कोशिश की, उसने पुलिस की पिस्टल छीनकर फायरिंग कर दी। पुलिस की जवाबी कार्रवाई में प्रभात मारा गया।
पुलिस ने बुधवार को ही विकास के करीबी अमर दुबे का भी एनकाउंटर कर दिया था। अमर हमीरपुर में छिपा था। अब तक विकास गैंग के 5 लोग एनकाउंटर में मारे जा चुके हैं।

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