जाने नवरात्रि के पहले दिन क्यों होती है मां शैलपुत्री की पूजा…

माँ दुर्गा के नौ रूप होते हैं।  माता रानी  पहले स्वरूप में ‘शैलपुत्री’ के नाम से जानी जाती हैं। ये ही नवदुर्गाओं में प्रथम दुर्गा हैं। पर्वतराज हिमालय  के घर पुत्री रूप में उत्पन्न होने के कारण इनका नाम ‘शैलपुत्री’ पड़ा। नवरात्र पूजन  में प्रथम दिवस इन्हीं की पूजा और उपासना की जाती है। इस प्रथम दिन की उपासना में योगी अपने मन को ‘मूलाधार’ चक्र में स्थित करते हैं। यहीं से उनकी योग साधना का प्रारंभ होता है।

मां शैलपुत्री घनघोर तपस्या करने वाली और समस्त वन्य जीव-जंतुओं की रक्षक मानी जाती हैं। देवी शैलपुत्री की आराधना वह लोग जरूर करते हैं जो योग, साधना, तप और अनुष्ठान के लिए पर्वतराज हिमालय की शरण में रहते हैं। मां के आर्शीवाद के बिना हिमालय पर रहना संभव नहीं। तो आइए नवरात्रि के पहले दिन की शुरुआत में मां शैलपुत्री की आरती करें।

 

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