जान लीजिए इन सात माह में शादी के हैं सिर्फ 26 दिन

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Marriage1देवोत्थानी एकादशी के दिन से ऐसा माना जाता है कि देवता अपनी नींद से जाग गये हैं। अब शादी ब्याह किये जा सकते हैं। और चार माह के अंतराल के बाद शादी ब्याह शुरु हो जाते हैं। देवताओं के जागने के बाद से ही शादी-विवाह आदि मांगलिक कार्यक्रमों का दौर शुरू हो जाता है।

देव प्रबोधिनी एकादशी के बाद से शादी के जो शुभ मुहूर्त शुरू हुए हैं वह 13 जुलाई तक रहेंगे। इस बार देवों के जागने के समय के अनुसार सात माह में सिर्फ 26 दिन ही शादी के मुहूर्त है। इस बार जुलाई में शादी के सबसे कम यानी बस एक दिन,  तो अप्रैल में सबसे ज्यादा दस दिन शादी के मुहूर्त हैं।

शादी के मुहूर्त के लिए लोग जब पंडित जी के पास जाते हैं तो सबसे पहले पंचांग में लत्ता, पात, युति, वेध, यामित्र, पंचक, एकर्गल, उपग्रह, क्रांति साम्य और दग्धा तिथि ये दस प्रकार के दोष देखे जाते हैं। इसके बाद पंडितजी शादी के लिए दोष रहित तारीखें निकाल देते हैं। नवंबर से जुलाई के बीच 7 माह में के अंदर इन 26 मुहूर्तों में लगभग सभी तारीखें 10 दोषों से रहित पाई गईं हैं, जो अक्षय पुण्यकारी मानी जा रही है। इसलिए पंडितों के अनुसाए इस साल शादी के लिए 26 श्रेष्ठ मुहूर्त माने जा रहे हैं।

इन दिनों में आएगी शादी में अड़चन: 

– 16 दिसंबर से 15 जनवरी तक धनु संक्रांति मलमास

(31 दिन)

–  14 मार्च से 13 अप्रैल तक मीन संक्रांति मलमास

(31 दिन)Marriage-Anniversary-HD-Wallpaper-9
– 3 मई से 10 जुलाई तक शुक्र तारा अस्त

(69 दिन)


इन तारीखों पर बजेगी शहनाइयाँ:
 

नवंबर- 26, 27 (कुल 2 दिन)
दिसंबर-7, 8, 13 (कुल 3 दिन)
जनवरी- 15, 19, 20, 29 (कुल 4 दिन)
फरवरी- 4, 5, 22 (कुल 3 दिन)
मार्च- 2, 5, 10 (कुल 3 दिन)
अप्रैल- 16, 17, 18, 19, 20, 22, 23, 26, 27, 29 (कुल 10 दिन)
जुलाई- 13 (कुल 1 दिन)

पंडितों की माने तो, विवाह के लिए 8 दिसंबर भौम प्रदोष, 20 जनवरी पुत्रदा एकादशी, 21 जनवरी प्रदोष, 13 फरवरी वसंत पंचमी, 16 फरवरी महानंदा नवमी, 25 अप्रैल संकट चतुर्थी जैसे दिन भी खास हैं। इन दिनों में पर्व के साथ विशेष संयोग देखे जा रहे हैं।

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