आप भी दुआ करें सियाचिन से लौटे हनुमंथप्पा को कुछ न हो

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नई दिल्ली। जिंदा निकला जवान हनुमंथप्पा अब कोमा में पहुंच गया है। सियाचिन ग्लेश्यिर में 25 फीट मोटी बर्फ की चादर के नीचे से वो जिंदा निकले हैं। आज सुबह ही उनको एयर एंबुलेंस के जरिए सियाचिन से दिल्ली के अर्मी अस्पताल लाया गया था। अस्पताल में भर्ती होने के बाद से वो लगातार वेंटिलेटर पर हैं। डॉक्टरों की टीम का कहना है कि हनुमंथप्पा अब कोमा में आ गए है। उनपर लगातार निगरानी रखी जा रही है। उनके लिए अगले 24 से 48 घंटे बेहद गंभीर हैं।

जिंदा बचा जवान

इससे पहले आज दिन में पीएम नरेन्द्र मोदी हनुमंथप्पा का हाल-चाल लेने आर्मी अस्पताल पहुंचे। पीएम ने इसके बाद एक ट्वीट भी किया और कहा कि पूरा देश हनुमंथप्पा के साथ है।

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जिंदा निकला जवानजिंदा निकला जवान: भगवान का करिश्मा 

उत्तरी सैन्य कमान के कमांडर लेफ्टिनेंट जनरल डी.एस. हुडा ने कहा कि यह एक चमत्कार है। लांस नायक हनुमंथप्पा को बदहवास हालत में सियाचिन से एयर एंबुलेंस के जरिए दिल्ली भेजा गया। उनको सैनिक अस्पताल में भर्ती कराया गया है। उसे बचाने के सभी प्रयास किए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि जवान की हालत गंभीर बनी हुई है। सेना के डॉक्टर लगातार स्थिति पर नजर रखे हैं।

अब तक पांच शव बरामद
कमांडर हुडा ने आगे कहा कि अब तक पांच शव बरामद हुए हैं जिनमें से चार की पहचान की जा चुकी है। बाकी जवानों का हमें अब तक कोई पता नहीं चल पाया है। उन्होंने उम्मीद जताई कि कर्नाटक निवासी हनुमंथप्पा की तरह ही अन्य जवान भी चमत्कारिक रूप से बच जाएंगे।

हिमस्खलन में दब गए थे जवान
मद्रास रेजिमेंट के एक जेसीओ और नौ अन्य जवान पाकिस्तान से लगे नियंत्रण रेखा के पास करीब साढ़े 19 हजार फुट की ऊंचाई पर बर्फ में उस समय दब गए थे जब उनकी चौकी इस हिमस्खलन में तबाह हो गयी थी। उस समय यहां का तापमान शून्य से 45 डिग्री कम था।

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