जिससे करती थी शादी उसी का हो जाता था एनकाउंटर, पढ़ें- गीता अरोड़ा की पूरी कहानी

लंबा कद, मॉडर्न लाइफ स्टाइल और फर्राटेदार अंग्रेजी के साथ देहव्यापार का धंधा चलाने वाली सोनू पंजाबन को दिल्ली की कोर्ट ने वेश्यावृत्ति कराने में दोषी करार दिया है। दोषी साबित होने के बाद लग रहा है कि सोनू पंजाबन डेढ़ दशक लंबा देहव्यापार का साम्राज्य खत्म हो जाएगा। 5 फीट, 4 इंच लंबी गीता अरोड़ा उर्फ सोनू पंजाबन ने अपनी खूबसूरती और चालाकी के दम पर देशभर में देह व्यापार का धंधा चलाया है। इस दौरान वह कई बार जेल भी गई, लेकिन दोषी पहली बार करार दी गई है। अपनी खूबसूरत अदाओं के बल पर पुलिस प्रशासन को भी चकमा देने वाली सोनू पंजाबन को कोई विष कन्या बुलाता है तो कोई हुश्न की शहजादी।

यह पुष्ट जानकारी तो नहीं है, लेकिन कहा जाता है कि कभी कॉलेज जाने वाली गीता अरोड़ा उर्फ सोनू पंजाबन ने हत्या में नाम जुड़ने के बाद रोहतक (हरियाणा) के नामी गैंगस्टर विजय से लव मैरिज की थी। विजय यूपी के खूंखार हिस्ट्रीशीटर श्री प्रकाश शुक्ला का करीबी था, जिसका 1998 में यूपी के गाजियाबाद में एनकाउंटर हो गया था। इसके बाद उत्तर प्रदेश विशेष जांच दल (UP STF) ने विजय को हापुड़ में मार गिराया।

एक के एक कुल चार शादियां की, हर बार मारे गए पति

इसके बाद सोनू पंजाबन ने नजफगढ़ के दीपक नाम के एक वाहन ​चोर  के करीब गई, लेकिन 2003 में असम पुलिस ने दीपक को भी एनकाउंटर में मार दिया। बता दें कि 2003 तक गीता चोपड़ा के नाम से ही जानी जाती थी। दीपक के एनकाउंटर के बाद गीता सहारा ढूंढ़ने निकली तो सोनू ने दीपक के भाई हेमंत से शादी कर ली। दरअसल, हेमंत से शादी होने के बाद ही गीता को नया नाम सोनू पंजाबन मिला। सोनू के साथ यहां भी वहीं हुआ, वर्ष 2006 में गुड़गांव पुलिस ने हेमंत को भी एक मुठभेढ़ में मार गिराया।

हेमंत के मारे जाने के बाद अशोक बंटी नाम का एक अपराधी सोनू पंजाबन से टकराया। अशोक ने ही सोनू को देहव्यापार के धंधे में उतारा। कुछ सालों बाद दिलशाद गार्डन पुलिस ने अशोक बंटी को एक एनकाउंटर में मार दिया। इसके बाद सोनू पंजाबन ने खुद ने देहव्यापार के धंधे में कदम रख दिया। धीरे-धीरे देशभर में अपना देहव्यापार का धंधा जमा लिया और करोड़ों की मालिकन बन गई।

दिल्ली की गीता कॉलोनी में जन्मी गीता अरोड़ा उर्फ सोनू पंजाबन के पिता ओम प्रकाश अरोड़ा पाकिस्तान के शरणार्थी थी और बंटवारे के बाद हरियाणा के रोहतक में आकर बसे थे। कुछ समय बाद ओम प्रकाश अरोड़ा दिल्ली आए और ऑटोरिक्शा चलाकर अपना गुजारा करने लगे।

यह भी जानें नजफगढ़ के रहने वाले एक परिवार ने सोनू पंजाबन पर उनकी 16 वर्ष की बेटी का अपहरण कर उसे वेश्यावृत्ति के लिए मजबूर करने का आरोप लगाया था।

सोनू के खिलाफ इस तरह के और पांच और मुकदमे दर्ज हैं।

पुलिस ने 2014 में सोनू पंजाबन उर्फ गीता अरोड़ा को गिरफ्तार कर लिया था।

पुलिस ने दिसंबर 2017 में सोनू पंजाबन को गिरफ्तार किया था, जबकि दोनों आरोपित फरार चल रहे थे।

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