GST से मनोरंजन क्षेत्र को मिलेगा बड़ा फायदा, चुकाना पड़ेगा कम टैक्स

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नई दिल्ली। वित्त मंत्रालय ने मंगलवार को कहा कि जीएसटी लागू होने के बाद मनोरंजन क्षेत्र के सेवा प्रदाताओं को कम कर चुकाना होगा, क्योंकि उन्हें इनपुट क्रेडिट का लाभ मिलेगा। मंत्रालय ने यहां एक बयान में कहा, “मनोरंजन सेवाओं को जीएसटी के अंतर्गत कम कर का भुगतान करना होगा, क्योंकि उन्हें इनपुट्स और इनपुट्स सेवाओं का लाभ मिलेगा।”

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जीएसटी ने मनोरंजन टैक्स  को मूल्य वर्धित कर  में किया शामिल

वर्तमान में इस तरह के सेवा प्रदाता को वैट के तहत इनपुट्स क्रेडिट का लाभ नहीं मिलता, जो उन्हें आयातित सामानों पर विशेष अतिरिक्ट ड्यूटी (एस ए डी) के रूप में चुकानी होती है।  जीएसटी में जहां  मनोरंजन टैक्स को मूल्य वर्धित कर के रूप में शामिल किया जाएगा, वहीं वर्तमान में राज्य सरकारें इस पर कारोबार के हिसाब से कर वसूलती है।

GST के अंतर्गत मनोरंजन कार्यक्रमों या सिनेमाघरों पर 28 फीसदी की दर से कर लगाया जाएगा। बयान में कहा गया, “इस समय सिनेमाघरों पर राज्यों द्वारा कर वसूला जाता है जो कुछ राज्यों में 100 फीसदी तक है।”

वहीं, केबल टीवी और डायरेक्ट टू होम (डीटीएच) पर राज्य सरकारों द्वारा 10 से लेकर 30 फीसदी तक का कर वसूला जाता है। इसके अलावा इन पर 15 फीसदी की दर से सेवा कर भी लगाया जाता है। वहीं, जीएसटी परिषद द्वारा अनुमोदित करों की दर 28 फीसदी तक सीमित है। जीएसटी परिषद ने सर्कस, थिएटर, भारतीय क्लासिकल नृत्य, लोकनृत्य पर 18 फीसदी कर की दर प्रस्तावित की है।

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