GSAT-18 का ISRO ने किया सफल प्रक्षेपण, मोदी ने वैज्ञानिकों को दी बधाई

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बेंगलुरू,प्रेट्र। भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (इसरो) की ओर से बनाए गए संचार उपग्रह जीसैट-18 का सफल प्रक्षेपण गुरुवार को सुबह 3 बजे किया गया। इससे पहले खराब मौसम के कारण बुधवार को इसे 24 घंटे के लिए टाल दिया गया था। लेकिन मौसम साफ होते ही इसे लॉन्च किया गया। पीएम नरेंद्र मोदी ने GSAT-18 के सफल प्रक्षेपण पर इसरो के वैज्ञानिकों को बधाई दी।

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जीसैट-18 के सफल प्रक्षेपण के बाद पीएम मोदी ने वैज्ञानिकों को दी बधाई

GSAT-18 इसरो का 20वां उपग्रह है, जिसे यूरोपीय स्पेस एजेंसी ने लॉन्च किया है। एरियन स्पेस लॉन्चर परिवार का यह कुल मिलाकर 280वां लॉन्च था।  इसरो अपने भारी-भरकम सेटेलाइटों को लॉन्च करने के लिए एरियन-5 रॉकेट पर निर्भर रहा है। हालांकि भारतीय स्पेस एजेंसी अब इसके लिए जीएसएलवी एमके-3 बना रहा है। 3404 किलो के GSAT-18  में 48 संचार ट्रांस्पोंडर हैं।

जीसैट-18 की खासियत

  • GSAT-18 को भारतीय अंतरिक्ष एजेंसी इसरो ने डिजायन किया है।
  • इसका उद्देश्य भारत में संचार सेवाओं को बेहतर बनाना है।
  • वर्तमान में संचार सेवाओं के लिए इसरो के पास चौदह सेटेलाइटों का बेड़ा है।
  • जीसैट-18 इसरो की बीसवीं सेटेलाइट है जिसे यूरोपियन अंतरिक्ष एजेंसी ने लॉन्च किया।
  • इसका वजन 3,404 किलोग्राम है,सामान्य सी बैंड के लिए जीसैट-18 में 48 संचार ट्रांसपोंडर लगाए गए हैं।
  • जीसैट-18 की अनुमानित परिचालन आयु 15 साल है।
  • यह सी-बैंड, विस्तृत सी-बैंड तथा कू-बैंड पर सेवाएं देगा।
  • प्रक्षेपण यान से अलग होने के बाद इसरो की कर्नाटक के हसन स्थित मास्टर कंट्रोल फैसिलिटी उपग्रह को अपने नियंत्रण में ले लेगी
  • इसके बाद तीन बार इसके अक्ष को बदलकर इसे 74 डिग्री पूर्वी देशांतर पर लाया जायेगा।
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