#JEEAdvancedExams: जानें जेईई मेंस व जेईई एडवांस में क्या है अंतर

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देहरादून। हाल ही में जेईई मेंस का एग्जाम आयोजित किया गया था जिसके बाद अब जेईई एडवांस एग्जाम में अब कुछ ही वक्त बचा है। ऐसे में स्टूडेंट्स को कैसे अपना पेपर अच्छा करना है इसके लिए स्टूडेंट्स को कुछ बातों का ध्यान जरुर रखना चाहिए जिससे उनका जेईई एडवांस का पेपर भी अच्छे से क्लियर हो जाये। इस बारे में कुछ एग्जाम स्पेशलिस्ट कहते हैं कि जेईई मेंस व जेईई एडवांस के पेपर में काफी अंतर होता है। दोनों के प्रश्न पत्र काफी अलग होते हैं।

जेईई एडवांस

जेईई एडवांस व जेईई मेंस के पेपर में काफी अंतर होता है

एग्जाम स्पेशलिस्ट का कहना है कि जहां जेईई मेंस में एक प्रश्न का सिर्फ एक ही उत्तर होता है। वहीं, जेईई एडवांस में एक प्रश्न में स्टूडेंट्स को कई आप्शन दिए जाते हैं जिसमें से स्टूडेंट्स काफी सोच-समझकर व ध्यान से इन प्रश्नों के जवाब देने होते हैं।

यहीं नहीं, जेईई एडवांस के एग्जाम में कुछ प्रश्न पैराग्राफ वाले भी आते हैं जोकि आसान तो होते हैं लेकिन थोड़े ट्रिकी भी होते हैं। ऐसे में स्टूडेंट्स को इन प्रश्नों के पैराग्राफ्स को अच्छे से पढ़कर ही जवाब देना चाहिए। जेईई एडवांस के पपेर में इंटीजर बेस्ड प्रश्न भी आते हैं।

जेईई एडवांस की बेस्ट पार्ट ये है कि इसमें नेगेटिव मार्किंग नहीं होती जिसका मतलब ये है कि स्टूडेंट्स कुछ लिबर्टी ले सकते हैं और थोड़े आंसर अनुमान के अनुसार लगा सकते हैं। इन सब के बीच जेईई मेंस व जेईई एडवांस के पपेर्स में सबसे बड़ा अंतर यह होता है कि जहां जेईई मेंस में सिर्फ एक ही पेपर होता है। वहीं, एडवांस में दो पेपर होते हैं।

एडवांस का पेपर के लिए तैयारी कर रहे स्टूडेंट्स को एक ठोस रणनीति बना कर चलना चाहिए क्योंकि इसमें पेपर तीन भागों में बटा हुआ है इसलिए स्टूडेंट्स को अच्छे से तैयारी करके चलना चाहिए। चूँकि इसमें 40 फीसदी प्रश्न आसान, 30 फीसदी सामान्य रूप से कठिन और 30 फीसदी कठिन होते हैं इसलिए स्टूडेंट्स को ज्यादा नंबर स्कोर करने के लिए एक अच्छी स्ट्रेटेजी की जरुरत है।

बताते चलें, एडवांस में हमेशा कुछ न कुछ सरप्राइज फैक्टर जरुर होता है, इसलिए निर्देश ध्यान से पढ़ें। साथ ही, एडवांस में हर एक सवाल पर निगेटिव मार्किंग अलग-अलग हो सकती है। जिन सवालों में निगेटिव मार्किंग नहीं है, उनमें अनुमान भी लगाया जा सकता है।

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