झारखंड उपचुनाव: इस सीट पर अलग-अलग चुनाव लड़ेंगे बीजेपी और आजसू, होगा त्रिकोणीय मुकाबला

रांची| झारखंड की गोमिया और सिल्ली विधानसभा सीटों पर होने वाले उपचुनाव को लेकर सूबे की सत्तारूढ़ भाजपा ने बड़ा फैसला लिया है। दरअसल, भारतीय जनता पार्टी(भाजपा) और उसकी सहयोगी झारखंड स्टूडेंट्स यूनियन(आजसू) दोनों ही दलों ने गोमिया विधानसभा उपचुनाव में अलग-अलग लड़ने का फैसला किया है। इस फैसले के बाद गोमिया सीट का मुकाबला त्रिकोणीय हो गया है। यहां झारखंड मुक्ति मोर्चा (झामुमो) ने भी मजबूत प्रत्याशी मैदान में उतारा है। हालांकि सिल्ली में भाजपा अपनी इस सहयोगी पार्टी आजसू को समर्थन करेगी।

आपको बता दें कि आजसू दोनों सीटों से चुनाव लड़ रही है। सिल्ली से पार्टी अध्यक्ष सुदेश महतो शिरकत कर रहे हैं, वहीं गोमिया से लंबोदर महतो चुनाव लड़ रहे हैं। भाजपा के राज्य अध्यक्ष लक्ष्मण गिलुवा ने कहा कि हम गोमिया विधानसभा सीट से लड़ने और सिल्ली में आजसू को समर्थन देने के अपने निर्णय पर अडिग हैं। हम सिल्ली में अपना ‘गठबंधन धर्म’ निभाएंगे।

उन्होंने कहा कि 2014 विधानसभा चुनाव में, भाजपा ने गोमिया से एक उम्मीदवार खड़ा किया था और सिल्ली सीट आजसू के लिए छोड़ दी थी।

आपको बता दें कि इस उपचुनाव के लिए विपक्षी पार्टी झारखंड मुक्ति मोर्चा (झामुमो) ने भी अपने उम्मीदवारों की घोषणा कर दी है. सिल्ली विधानसभा सीट पर अयोग्य ठहराये गये विधायक अमित महतो की पत्नी सीमा महतो चुनाव लड़ेंगी. वहीं, गोमिया से पूर्व विधायक बबीता महतो चुनाव लड़ेंगी.

सिल्ली में सीमा महतो का मुकाबला आजसू सुप्रीमो सुदेश कुमार महतो से होगा। यहां भाजपा ने सुदेश महतो को अपना समर्थन दिया है. हालांकि, गोमिया में भाजपा, आजसू और झामुमो के बीच त्रिकोणीय मुकाबला होगा। गोमिया से आजसू ने लंबोदर महतो को उतारा है। भाजपा ने अभी अपने उम्मीदवार की घोषणा नहीं की है।

जेएमएम ने शुक्रवार को दोनों सीटों से अयोग्य घोषित किए गए विधायकों की पत्नियों को उम्मीदवार बनाने घोषणा की है। अमित महतो की पत्नी सीमा महतो सिल्ली से और योगेंद्र महतो की पत्नी बबीता देवी गोमिया विधानसभा सीट से चुनाव लड़ेंगी।

दोनों सीटें विभिन्न मामलों में जेएमएम के विधायकों को दो वर्ष की सजा मिलने के बाद खाली हो गई थी। योगेंद्र महतो को गोमिया और अमित महतो को सिल्ली विधानसभा सीट से अयोग्य घोषित किया गया था।

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