टर्मिनल 3 के निर्माण के बाद संभावित ध्वनि प्रदूषण को रोकने की कवायद

लखनऊ| उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में स्थित चौधरी चरण सिंह अंतर्राष्ट्रीय हवाईअड्डा पर टर्मिनल-तीन शुरू होने से पहले ही प्रशासन ने यहां फैलने वाले ध्वनि प्रदूषण को रोकने की कवायद शुरू कर दी है। अधिकारियों का दावा है कि सर्वे रिपोर्ट के अनुसार ही पर्यावरण को स्वच्छ रखने के लिए हरित पट्टी को विकसित किया जाएगा।

ध्वनि प्रदूषण

अधिकारियों के मुताबिक हवाईअड्डे पर टर्मिनल-तीन बनाने का काम शुरू हो गया है। टर्मिनल शुरू होने के बाद सौ से अधिक देशी-विदेशी उड़ानें यहां से संचालित होंगी। इतनी बड़ी संख्या में एयर ट्रैफिक बढ़ने से होने वाले प्रदूषण को नियंत्रित करना बड़ी चुनौती होगी।

प्रशासन के मुताबिक, हवाईअड्डे और उसके आसपास का क्षेत्र प्रदूषण मानकों के अनुरूप नहीं रहा तो यह सेहत के लिए तो खतरनाक होगा ही, शहर के लिए भी नुकसानदेह साबित हो सकता है। ऐसे में टर्मिनल के शुरू होने के बाद प्रदूषण को किस तरह नियंत्रित किया जाएगा, इसे लेकर प्रशासनिक अधिकारियों की टीम ने हवाई अड्डा प्राधिकरण और प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के अफसरों के साथ बैठक की।

हवाई अड्डे के आसपास प्रदूषण का स्तर के कम करने के लिए मजबूत पारिस्थितिक तंत्र विकसित किया जाएगा। इसमें जहां दूषित जल के लिए एसटीपी बनेगा, वहीं तमाम तरह के ऐसे पौधे लगाए जाएंगे जो प्रदू्षित वायु को सोख लेंगे।

अधिकारियों के मुताबिक, परिसर में 23.42 हेक्टेयर में एक हरित पट्टी विकसित की जाएगी जिसमें प्रदूषण सहिष्णु प्रजातियों के पौधे लगाए जाएंगे। वर्षा जल संचयन के लिए आधा दर्जन बेलनाकार जल संचयन टैंक बनाए जाएंगे।

लखनऊ पूर्वी के एडीएम जितेंद्र मोहन ने बताया कि हवाई अड्डे पर प्रदूषण को कम से कम करने के लिए हवाई अड्डा प्राधिकरण के साथ मिलकर काम किया जा रहा है। पिछले दिनों हुई बैठक में कई बिंदुओं पर चर्चा के बाद सहमति बनी है।

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