टेनिस में मैच फिक्सिंग, जोकोविच को मैच हारने के लिए दो लाख डॉलर का ऑफर

मेलबर्न। क्रिकेट के बाद अब टेनिस में फिक्सिंग का जबरदस्त और सनसनीखेज मामला सामने आया है। बीबीसी और बजफीड ने दावा किया है कि पिछले 10 साल में टॉप  50 में से 16 टेनिस सितारे मैच फिक्सिंग में लिप्त रहे हैं। इनमें कुछ ग्रैंड स्लैम चैंपियन भी हैं। ऑस्ट्रेलियन ओपन ग्रैंड स्लैम के पहले दिन सोमवार को टेनिस में फिक्सिंग की इस रिपोर्ट के सामने आने के बाद दुनिया भर में हंगामा मच गया है। इस रिपोर्ट में कहा गया है कि विम्बलडन में तीन मैच फिक्स थे और संदेह के घेरे में रहे आठ खिलाड़ी ऑस्ट्रेलियन ओपन भी खेल रहे हैं। रिपोर्ट में वर्ष 2007 के एक मैच की जांच का ब्योरा है जिसमें उस समय दुनिया के चौथे नंबर के खिलाड़ी निकोलई देवीदेंको 87वीं रैंकिंग वाले मार्टिन वासालो आगरुएलो से हार गए थे। खिलाड़ियों से होटल में उनके कमरों में ही संपर्क किया गया। मैच फिक्स करने की एवज में 50 हजार डॉलर या अधिक दिए गए। टेनिस में फिक्सिंग के मामले में अब बड़े-बड़े दिग्गजों के नाम सामने आने की आशंका जताई जा रही है।

टेनिस में फिक्सिंग : जोकोविच को ऑफर किये थे दो लाख डॉलर

टेनिस में फिक्सिंग
नोवाक जोकोविक

टेनिस में फिक्सिंग की खबरों के बीच दुनिया के नंबर एक खिलाड़ी सर्बिया के नोवाक जोकोविच ने भी इसकी पुष्टि की है। नोवाक ने कहा कि 2007 में फिक्सिंग के लिए उनसे भी संपर्क किया गया था। दस बार के ग्रैंड स्लैम चैंपियन जोकोविच ने बताया कि करियर की शुरुआत में ही फिक्सरों ने उनसे संपर्क किया था। जोकोविच ने कहा, ‘कुछ लोगों ने फिक्सिंग के लिए संपर्क करने की कोशिश की थी, लेकिन सीधे नहीं। वे मुझसे जुड़े लोगों के माध्यम से संपर्क करना चाहते थे।’ ऑस्ट्रेलियन ओपन के पहले मैच के बाद जोकोविच ने कहा, ‘उस घटना के सात-आठ वर्ष तक मैंने कभी भी इससे मिलती-जुलती कोई बात नहीं सुनी। फिक्सिंग पूरी तरह से अपराध और खेल भावना के खिलाफ है। मैं ऐसी गैरकानूनी चीजों से किसी भी तरह का जुड़ाव रखना पसंद नहीं करूंगा। टेनिस ने हमेशा खेल की ईमानदारी को बरकरार रखा है और इसकी प्रसिद्धी की वजह भी यही है।’ एक मीडिया रिपोर्ट में दावा किया गया है कि जोकोविक को मैच फिक्सिंग के लिए 2 लाख डॉलर (करीब 1 करोड़ 35 लाख रुपए) ऑफर किए गए थे।

टेनिस में फिक्सिंग की जाँच होगी: एटीपी

एसोसिएशन ऑफ टेनिस प्रोफेशनल्स (एटीपी) के प्रमुख क्रिस करमोडे ने कहा कि रिपोर्ट की टाइमिंग निराशाजनक है। हम जांच करेंगे। उन्होंने इनकार किया कि मैच फिक्सिंग पर पर्दा डालने की कोशिश की गई। उन्होंने कहा, बीबीसी और बजफीड की रिपोर्ट 10 साल पहले के घटनाक्रम की है।बड़े पैमाने पर भ्रष्टाचार! : एक विशेषज्ञ स्टीव जियोर्गाकिस ने कहा ‘ग्रैंड स्लैम, ओलंपिक और ओपन जैसे बड़े टूर्नामेंट में पसंदीदा खिलाड़ी हमेशा ही जीतते हैं लेकिन वहीं छोटे टूर्नामेंट में शीर्ष 50 में शामिल खिलाड़ी चोट या अन्य किसी वजह से हट जाते हैं तो भी उनकी रैंकिंग पर कोई फर्क नहीं पड़ता है।

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