मोदी सरकार का ऐलान: टैक्‍स-फ्री ग्रैच्‍युटी की सीमा बढ़ेगी, होगा फायदा

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नई दिल्‍ली। केंद्र की मोदी सरकार ने नौकरीपेशा कर्मियों को बड़ा तोहफा दिया है। केंद्रीय श्रम मंत्री बंडारू दत्‍तात्रेय ने ऐलान किया है कि टैक्‍स-फ्री ग्रैच्‍युटी की लिमिट बढ़ा दी गई है। यह लिमिट अब 20 लाख तक बढ़ा दी गई है। उन्‍होंने कहा कि इससे संबंधित बिल मानसून सत्र में पेश किया जाएगा।

टैक्‍स-फ्री ग्रैच्‍युटी की लिमिट

टैक्‍स-फ्री ग्रैच्‍युटी की लिमिट बढ़ने से होगा फायदा

संसद का मानसून सत्र 17 जुलाई से शुरू हो रहा है। इसके अलावा, पेमेंट ऑफ ग्रैच्‍युटी एक्‍ट में संशोधन के बाद सरकार महंगाई वृद्धि को देखते हुए टैक्‍स–फ्री ग्रैच्‍युटी की सीमा बढ़ाने में सक्षम होगी। इस कानून के संशोधन के लिए सरकार संसद की सहमति की जगह एक्‍जीक्‍यूटिव ऑर्डर का सहारा लेगी। हालांकि, मसौदा विधेयक को अभी कैबिनेट की मंजूरी मिलनी बाकी है।

श्रम मंत्री ने कर्मियों को होगा फायदा

दत्‍तात्रेय ने कहा कि यह हमारे एजेंडे में शामिल है। यह बिल मानसून सत्र में आ सकता है। जल्‍द ही यह कैबिनेट की मंजूरी के लिए जाएगा। पेमेंट ऑफ ग्रैच्‍युटी एक्‍ट में संशोधन के बाद संगठित क्षेत्र के कर्मचारी 20 लाख रुपए तक की टैक्‍स–फ्री ग्रैच्‍युटी पा सकेंगे।

इन पहलुओं को भी समझे

इससे पहले फरवरी में केंद्रीय ट्रेड यूनियनों ने श्रम मंत्रालय के साथ इस विषय पर हुई चर्चा में अपनी सह‍मति जताई थी। हालांकि, यूनियनों ने मांग की थी कि ग्रैच्‍युटी के भुगतान के लिए किसी प्रतिष्‍ठान में न्‍यूनतम 10 कर्मचारी होने और कम से कम पांच साल की सेवा की शर्तों को हटाया जाना चाहिए। वर्तमान में, पेमेंट ऑफ ग्रैच्‍युटी एक्‍ट के अनुसार, किसी कर्मचारी को ग्रैच्‍युटी की राशि पाने के लिए न्‍यूनतम पांच साल काम करना जरूरी होता है। यह कानून उन प्रतिष्‍ठानों पर लागू होता है जहां कर्मचारियों की संख्‍या कम से कम 10 हो।

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