ट्रम्प का नया बयान इन्हें जानवर के खून से सने कारतूस से मार देना चाहिए

0

अमेरिका में राष्ट्रपति चुनाव में प्रत्याशी डोनाल्ड ट्रम्प के ताजा बयान ने नया बखेड़ा खड़ा कर दिया है। उन्होंने कारतूस को सुअर के खून में डुबोकर 49 मुस्लिम उग्रवादियों को गोली मारने की तारीफ करते हुए एक बार फिर से इसे दोहराये जाने की जरूरत बतायी है। हालांकि मिरर का दावा है कि यह कहानी झूठी है जिसे ट्रम्प सुना रहे हैं।

ट्रम्प

ट्रम्प का गोलबंदी के लिए नया गेम

मिरर के अनुसार अमेरिका के जनरल जॉन परशिंग का नाम लेकर डोनाल्ड ट्रंप ने एक और विवाद खड़ा कर दिया है। उन्होंने कहा कि परशिंग की तरह ही यूएस आर्मी को मुस्लिम उग्रवादियों और आईएस के आतंकियों को मारने के लिए सुअर के खून में डुबाकर गोली मारनी चाहिए। इसके साथ ही उन्होंने परशिंग के उस काम की तारीफ भी की।

डोनाल्ड ट्रम्प ने कहा, ‘यूएस जनरल ने 49 मुसलमानों को सुअर की चर्बी और खून में डूबी गोलियों से मौत के घाट उतारा था। इसे दोहराया जाना चाहिए।’ मिरर के मुताबिक, लोगों का कहना है कि डोनाल्ड ऐसी बातें करके मुसलमान लोगों का विरोध करने वाले लोगों को अपने साथ खड़ा करना चाहते हैं।

ट्रम्प

दरअसल, परशिंग के बारे में अमेरिका में एक अफवाह उड़ी हुई है कि 1861 में हुई सिविल वॉर के दौरान परशिंग ने 49 मुसलमान उग्रवादियों को साउथ कैरिलोना के पास से बंधक बनाया और फिर उन्हें सुअर के खून वाली गोलियों से मार दिया। बताया जाता है यह काम परशिंग ने 1911 में किया था। हालांकि यह बात कहीं भी सबूत के साथ साबित नहीं पायी गयी है। वहीं परशिंग ने इस बात को मानने से उलट युद्ध में भाग लेने के लिए भी माफी मांगी थी।

सुअर को इस्लाम और कई अन्य धर्मों में गंदा जानवर माना जाता है। कहा यह भी जाता है कि 50 लोग पकड़े गये थे जिसमें 49 लोगों को मार दिया गया था और 50वें को अपने लोगों के बीच जाकर यह कहानी सुनाने के लिए छोड़ दिया गया था। हालांकि यह कहानी अमेरिका के सरकारी दस्तावेजों में कहीं दर्ज नहीं है। और बाद में जनरल परशिंग ने इस मुस्लिम समुदाय को पत्र लिखकर युद्ध के लिए खेद जताया था जिसके वह उग्रवादी थे। उन्होंने लिखा था कि युद्ध में दोनो ओर से गोलियां चली थीं कुछ सैनिक मारे गये थे और कुछ आप के लोग। आप सब मेरे बच्चों की तरह हैं और कोई पिता अपने  बच्चों को मारना नहीं चाहता है।

loading...
शेयर करें