मिसाल : ये जज कोई महिला नहीं है… ये हिजड़ा है

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लंदन। ब्रिटेन ने दुनिया के सामने एक बड़ी मिसाल पेश की है। जानी मानी पब्लिक फिगर डॉ विक्टोरिया मैक्लाउड को ब्रिटिश हाईकोर्ट में जज नियुक्त किया गया है। यहां तक आपको कुछ भी खास नहीं लग रहा होगा, दरअसल विक्टोरिया महिला नहीं एक हिजड़ा यानि ट्रांसजेंडर हैं। इस पद तक पहुंचने वाली वो इस तरह की खास इंसान है।

ट्रांसजेंडरट्रांसजेंडर विक्टोरिया बनी हाईकोर्ट में जज

ट्रांसजेंडर डॉ विक्टोरिया मैक्लाउड की ब्रिटिश हाईकोर्ट में नियुक्ति का मेल जारी हो चुका है। विक्टोरिया ब्रिटेन में ट्रांसजेंडर लोगों के लिए काफी काम कर चुकी हैं। ब्रिटेन में जज को मास्टर कहा जाता है। 46 साल की विक्टोरिया सबसे कम उम्र में मास्टर बनी है। हाई-प्रोफाइल लोगों के सिविल और फैमिली मैटर्स के मुकदमे वो पहले से लड़ती आ रही हैं। रसेल ब्रांड और कैटी प्राइस की वो वकील रह चुकी हैं।

आपको जानकर और भी हैरानी होगी विक्टोरिया मैक्लाउड जन्म के बाद जैसन विलियम्स के नाम से जानी जाती थी। बाद भी उन्होंने क्राइस्ट चर्च कॉलेज और ऑक्सफोर्ड से पढ़ाई की। वकालत के अलावा उनके पास साइकॉलॉजी की डिग्री और डॉक्ट्रेट की उपाधि भी है।

अपने करियर की शुरुआत में उन्होंने बैरिस्टर्स चैम्बर में वकालत की प्रैक्टिस शुरू की। सिविल और फैमिली मैटर्स में उनको महारत हासिल है। उन्होंने तमाम लीगल हैंडबुक्स लिखी हैं। साथ ही सुप्रीम कोर्ट जज की डिप्टी के तौर पर काम किया है।

फिलहाल वो लंदन में ही अपने ट्रांसजेंडर पार्टनर के साथ रहती हैं। उनकी पार्टनर डॉ एनी मैक्लाउड एक मनोचिकित्सक हैं और 2006 से दोनों साथ में रह रही हैं। 2009 में दोनों ने अपने रिश्ते को एक नाम दे दिया। उसके बाद डॉ विक्टोरिया विलियम्स डॉ विक्टोरिया मैक्लाउड बन गई।

उनकी नियुक्ति का ब्रिटेन में ट्रांसजेडर समुदाय के हितों की आवाज उठाने वाली हीथर एश्टन ने स्वागत किया। उन्होंने कहा कि मैक्लाउड का मास्टर बनना प्रेरणा देने वाली खबर है। एश्टन का कहना है कि ट्रांसजेंडर समुदाय बीते वक्त में घृणा के पात्र रहे हैं, लेकिन खुलकर लोगों के सामने आने से डरते थे, यहां तक कि वो अपनी पहचान भी जगजाहिर नहीं होने देते थे। उन्होंने कहा कि इस खबर के बाद उनके जीवन में उम्मीद की किरण जागी है।

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