नई पहल: ट्रैफिक नियम और गाड़ी को हवाई जहाज बनाने वालों की खैर नहीं, आ गई 3डी टेक्नोलॉजी

0

नई दिल्ली। ट्रैफिक सिग्‍नल तोड़ने और तेज रफ्तार से गाड़ी चलाने वालों के लिए बुरी खबर है। अगर ऐसा करने वाले सोच रहे हैं कि वे बच जाएंगे तो यह उनकी गलतफहमी है। देश की राजधानी में ट्रैफिक पुलिस ने ऐसा सिस्‍टम बनाया है कि कोई भी बच नहीं पाएगा। पुलिस ने ट्रैफिक सिस्‍टम को सुधारने के लिए 3डी टेक्‍नोलॉजी से लैस उपकरण खरीदे हैं।

ट्रैफिक सिस्‍टम को सुधारने के लिए 3डी टेक्‍नोलॉजी

ट्रैफिक सिस्‍टम को सुधारने के लिए 3डी टेक्‍नोलॉजी हर मूवमेंट पर रखेगी नजर

दिल्‍ली की ट्रैफिक पुलिस इस सिस्‍टम का ट्रायल भी शुरु कर चुकी है। ऐसी खबरें आ रही हैं कि ट्रैफिक सिस्‍टम को सुधारने के लिए 3डी टेक्‍नोलॉजी गाड़ी की नंबर प्‍लेट को डिटेक्‍ट करेंगे और गाड़ी जहां खड़ी होगी उस जगह का पता बता देगी।

कुछ इलाकों में शुरु हुआ ट्रायल

ट्रायल के तौर पर इन उपकरणों को दिल्ली के कुछ इलाकों में शुरू भी किया जा चुका है। जिस भी जगह इस नई टेक्नोलॉजी को इस्तेमाल किया जा रहा है, वहां 12 हाई डेफिनिशन कैमरों को लगाया जाएगा।

तेज स्‍पीड में चलने वाली गाड़ियों को बनाया जाएगा निशाना

दिल्ली पुलिस अब तक कैमरों का इस्तेमाल स्पीड में चलने वाली गाड़ियों को पकड़ने के लिए ही करती है। लेकिन अब इन डिवाइस में लगी जीपीएस तकनीक के जरिए गाड़ियों के गलत पॉर्क होने को भी ट्रेक किया जा सकेगा। जब तक कि एक नया सिस्टम रूम तैयार नहीं हो जाता तब तक इन कैमरों का लिंक सीधे कंट्रोल रूम से जोड़ा जाएगा।

कैमरे की नजर से बच नहीं पाएगा गाड़ी का नंबर

एक बार जब ट्रैफिक सिग्नल तोड़ने वाला कैमरे में कैद होगा, उसके बाद उसकी गाड़ी की तस्वीर कैमरे में कैद हो जाएगी। साथ ही गाड़ी के मालिक की पहचान करके उसके पास सिग्नल तोड़ने का नोटिस भेज दिया जाएगा। नियम तोड़ने वाले इंसान को कोर्ट में जाकर जुर्माना भरना होगा।

हर दिन 3 हजार लोग तोड़ते हैं ट्रैफिक सिग्नल

दिल्ली पुलिस के पास हर दिन ट्रैफिक सिग्नल तोड़ने के 3 हजार से ज्यादा मामले आते हैं। ऐसे में नई टेक्नोलॉजी के आने के बाद पुलिस को उनका चालान काटने के लिए रोकना नहीं पड़ेगा, क्योंकि नए सिस्टम के जरिए नोटिस अपने आप ही भेज दिया जाएगा।

loading...
शेयर करें