महिलाओं को सशक्त करने के लिए ट्विटर का नया अभियान

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नयी दिल्ली। महिलाओं को सशक्त बनाने के लिए ट्विटर का अभियान शुरु हुआ है। जी हां, ऑनलाइन और ऑफलाइन दोनों जगहों पर पुरूषों की प्रधानता होने के बाबत एक अध्ययन से प्रेरित होकर सोशल नेटवर्किंग साइट ट्विटर ने किसी भी तरह के भेदभाव के खिलाफ आवाज उठाने का काम किया है। सोशल नेटवर्किंग साइट ट्विटर ने महिलाओं को सशक्त बनाने के लिए हाल ही में हैशटैग पोजिशन ऑफ स्ट्रेंथ अभियान शुरू किया है।

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ट्विटर का अभियान दिल्ली में लॉंच 

ट्विटर ने फिक्की लेडीज ऑर्गेनाइजेशन, ऑब्जर्वर रिसर्च फाउंडेशन और अन्य सहयोगियों के साथ मिलकर दिल्ली में एक कार्यशाला के दौरान इस अभियान को लांच किया। इस कार्यशाला में 20 विश्वविद्यालयों और कॉलेजों की करीब 50 महिलाओं ने हिस्सा लिया। इसमें उन्हें बताया गया कि अपनी आवाज को बुलंद करने, प्रोफाइल बनाने और अपना निजी ब्रांड बनाने के लिए किस प्रकार ट्विटर का इस्तेमाल किया जा सकता है। कंपनी ने कहा कि देश में 37.5 करोड़ लोग इंटरनेट पर सक्रिय हैं जिनमें मात्र 29 प्रतिशत महिलाएं हैं। पोजिशन ऑफ स्ट्रेंथ के जरिए महिलाऐं ऑनलाइन अपनी आवाज मुखर करने के अलावा विश्वास के साथ सुरक्षित संवाद कर सकेंगी और समान विचारधारा वाली महिलाओं से जुड़ सकेंगी।

 
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ट्विटर का अभियान पहले से है जारी

ट्विटर का अभियान ऑस्ट्रेलिया और आयरलैंड में पहले ही शुरू हो चुका है। इसकी कोशिश भारत में ऑनलाइन लैंगिक समानता के अंतर को पाटना है और महिला नेताओं की दूसरी पीढ़ी को प्रेरित करना है। जिससे समाज में उनकी एक प्रभावशाली और बुलंद आवाज हो।

ट्विटर भारत की सार्वजनिक नीति प्रमुख महिमा कौल ने कहा कि हमने प्रभावित करने वाली कई महिलाओं से सुना है जो ट्विटर पर लैंगिक आधार पर वेतन असमानता, बाल देखभाल, घरेलू हिंसा, स्वास्थ्य देखभाल और ललीचा कामकाज कर जागरूकता अभियान चलाती हैं। हैशटैग पोजिशन ऑफ स्ट्रेंथ के शुरू होने से हमें उम्मीद है कि यह महिला सशक्तिकरण को और ज्यादा मजबूत करेगा और महिलाओं को अपनी आवाज सुरक्षित और भरोसेमंद तरीके से उठाने के लिए प्रोत्साहित करेगा। इसके साथ ही महिलाएं पूरे आत्मविश्वास के साथ संवाद कर सकेंगी और अपनी जैसी सोच रखने वाली दूसरी महिलाओं के साथ और व्यापक रूप से वैश्विक समुदाय के साथ भी जुड़ते हुए समान मंच साझा कर सकेंगी।

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