डबल मर्डर का शिकार कालोनी खुद करेगी अपनी सुरक्षा

गोरखपुर। पुलिस ने भले ही फूर्ति दिखाते हुए शहर के विन्ध्यवासिनी नगर हाईप्रोफाइल डबल मर्डर का खुलासा कर दिया है लेकिन लोगों के दिलों से खौफ खत्म नहीं कर पाई। इस पॉश कालोनी के नागरिकों को पुलिस सुरक्षा पर भरोसा नहीं रहा। लोग खासा डरे हुए हैं। कब कौन सा लूटेरा कालोनी में घुसकर लूटपाट और हत्या कर दे, नागरिक यह सोचकर भीतर से सिहर जा रहे हैं। अब कालोनी के लोगों को गारंटीड सुरक्षा चाहिए जो पुलिस के बस की बात नहीं।

 डबल मर्डर

डबल मर्डर के बाद लगाएं जाएंगे सीसीटीवी कैमरे

 

ऐसे में लोगों ने तैयारी कर ली है कि वे चंदा लगाकर विन्ध्यवासिनी नगर के सुरक्षा का इंतजाम करेंगे। इसकी पहली कड़ी में 10 जनवरी को कालोनी के पीछे की तरफ खुलने वाले रास्ते को बंद करा दिया गया। वहां एक लोहे का गेट लगा दिया गया है जिस पर लगातार ताला बंद रहेगा। सुरक्षा के लिए और भी कई मजबूत इंतजाम किये जाने की तैयारी है।

कालोनी के रहने वाले वरिष्ठ अधिवक्ता और जिला बार एसोसिएशन में नेता सत्येंद्र कुमार श्रीवास्तव का कहना है कि सबके सहयोग से सुरक्षा का इंतजाम होगा। कालोनी में रहने वाले लोग अभी भी असुरक्षित महसूस कर रहे हैं। इसी कालोनी के धीरज श्रीवास्तव ने बताया कि प्रवेश द्वार पर गेट लगाने और एक सेक्योरिटी गार्ड बैठाने की भी योजना है। साथ ही यह तय किया गया है कि कालोनी के हर मोड़ पर तीन-चार सीसीटीवी कैमरे लगाये जाएं। यह काम सभी के सहयोग से होगा और इसका खर्चा कालोनी के सब लोग उठाएंगे।

पॉश कालोनी है विन्ध्यवासिनी नगर

 

महानगर में टाउनहाल से महज थोड़ी दूर पर है विन्ध्यवासिनी नगर कालोनी। बैंकरोड भी इस कालोनी के पास ही है। इसमें इंजीनियर, वकील, शिक्षक, प्रोफेसर जैसे प्रबुद्ध तपके रहते हैं। कालोनी में ज्यादातर लोग अच्छी आर्थिक स्थिति वाले हैं। ऐसे में सबको इस तरह की वारदात का भय है। हांलाकि पुलिस ने सुरक्षा का भरोसा दिया है और इस इलाके में गश्त भी हो रही है लेकिन लोगों ने तय कर लिया है कि अब अपनी सुरक्षा वे स्वयं करेंगे।

सदमे में है इलाका

 

इंजीनियर संजय श्रीवास्तव और प्रधानाचार्य तूलिका श्रीवास्तव की हत्या और लूटपाट की घटना से पूरा इलाका अभी भी सदमे में है। किसी को भरोसा नहीं हो रहा है कि इतने मिलनसार स्वभाव के लोगों के साथ यह क्रूर घटना घटी। कालोनी के लोग यही चाहते हैं कि सभी आरोपियों पर कठोरतम कार्रवाई हो जो अन्य अपराधियों के लिए नजीर बने।

सूख गए हैं आंसू

 

संजय और तूलिका के इकलौते बेटे प्रणव पर दुखों का ऐसा पहाड़ टूटा है कि वह अंदर से टूट गया है। रिश्तेदार दिन रात ढांढस बंधा रहे हैं। आस्ट्रेलिया से आए प्रणव के नाना नानी घर पहुंचते ही बेहोश हो गए। उन्हें चिकित्सक बुलाकर दिखाना पड़ा। दोनों दिल के मरीज हैं। परिवार, रिश्तेदार और कालोनी के लोग दुख, भय और आक्रोश में डूबे हुए हैं।

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