डबल मर्डर : नेत्र परीक्षकों ने न्याय के लिए जलाए कैंडिल, सीबीआई जांच की मांग

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गोरखपुर। नेत्र परीक्षक और उनके चार साल के पुत्र के डबल मर्डर की जांच सीबीआई से कराने की मांग तेज हो गई है.नेत्र परीक्षकों के संगठन जिला आप्टोमैट्री सोसाइटी के बैनर तले आज शाम इंदिरा बाल बिहार पर सैकड़ों नेत्र परीक्षक जमा हुये और हत्याकांड के निष्पक्ष खुलासे की मांग की.न्याय के लिये कैंडिल जलाने के बाद नेत्र परीक्षकों ने कहा कि घटना का सच तभी सामने आएगा जबकि मामले की सीबीआई जांच हो.निष्पक्ष खुलासा न होने पर नेत्र परीक्षकों ने आंदोलन करने की चेतावनी दी है.

डबल मर्डर

डबल मर्डर की पूरी कहानी

विगत 21 जनवरी की सुबह नेत्र परीक्षक ओमप्रकाश यादव और उनके चार साल के बेटे नीतिन की लाश बिस्तर पर पाई गई.ओमप्रकाश की हत्या हथौड़े से सिर कूंचकर हुई जबकि बेटे को गला दबाकर मारा गया.पोस्टमार्टम रिपोर्ट में यह साबित हो चुका है.देर शाम इस मामले में हत्या के साथ लूट का भी मुकदमा लिख लिया गया, हांलाकि यह प्रकरण सिर्फ हत्या से जुड़ा है और हत्यारों ने इसे लूट दिखाने की कोशिश की है.

सत्ता से जुड़े हैं तार

पुलिस सूत्रों का दावा है कि इस हाईप्रोफाइल हत्या के तार सत्ता के एक बेहद करीबी आदमी से जुड़े हैं.लिहाजा पुलिस पर भी दबाव है.हांलाकि पुलिस अफसरों ने दावा किया था कि क्लू मिल गया है और अतिशीघ्र खुलासा हो जाएगा.लेकिन यह दावा करने वाले पुलिस के मुखिया ही शाम तक बदल गये.ऐसे में दावों के बावजूद खुलासे की विश्वसनीयता संदिग्ध है.

सीबीआई जांच रास्ता

नेत्र परीक्षकों की संस्था का कहना है कि निष्पक्ष खुलासा सीबीआई ही करेगी.आज के आयोजन में शामिल नेत्र परीक्षकों ने कहा है कि अगर न्याय नहीं मिला तो आंदोलन का रास्ता अख्तियार किया जाएगा. इस दौरान गोरखपुर आप्टोमैट्री सोसाइटी के अध्यक्ष आरके सिंह,  उपाध्यक्ष संदीप सिंह, महासचिव वीके राय, सह सचिव आरएस गुप्ता, सचिव अजय, कार्तिकेयन, केबी सिंह के अलावा नेत्र परीक्षक दीपू प्रजापति, संदीप, फरीदा, जितेंद्र, शिप्रा, गरिमा पाठक, अमित यादव, एकता गुप्ता, साहिस्ता, फहरीन, भोलू गुप्ता प्रमुख रूप से शामिल रहे.

भाजपा नेता भी कूद गए

भाजपा युवा मोर्ची के पूर्व प्रदेश महामंत्री योगेश प्रताप सिंह भी नेत्र परीक्षकों की लड़ाई में शामिल हो गए हैं.उन्होंने आयोजन स्थल पर लड़ाई का समर्थन किया और कहा कि सत्ता से दबाव में खुलासे की निष्पक्षता संदिग्ध है.लिहाजा सीबीआई जांच कराई जाए.ऐसा न करने पर उन्होंने भी एक अलग क्रमिक आंदोलन चलाने की घोषणा की है.

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