करोड़ों की सेल्स के साथ डाबर का रियल बना देश का सबसे बड़ा अकेला ब्रैंड

0

नई दिल्ली। डाबर का रियल ब्रैंड के कंसॉलिडेशन की ज्यादा सेल के चलते ब्रैंड पेप्सिको के ट्रॉपिकाना लगभग 2,000 करोड़ रुपए घट गया है। जिससे वैश्विक स्तर पर इसका मार्केट शेयर नीचे गिर गया है। ट्रॉपिकाना का वैल्यू और वॉल्यूम, दोनों आधार पर शेयर एक साल पहले अप्रैल 2016 से जनवरी 2017 के मुकाबले इस साल 5 फीसदी नीचे आया है।

 डाबर का रियल

डाबर का रियल का मार्केट शेयर दोनों पैरामीटर्स पर करीब 2.5 फीसदी बढ़ा

रिसर्च फर्म नील्सन के आंकड़ों का जिक्र करते हुए दो अफसरों के मुताबिक, ट्रॉपिकाना के बजाय रियल का मार्केट शेयर दोनों पैरामीटर्स पर करीब 2.5 फीसदी बढ़ा है। ने बताया यह जानकारी दी है। ट्रॉपिकाना के उलट रियल का मार्केट शेयर दोनों पैरामीटर्स पर करीब 2.5 फीसदी बढ़ा है। इसके अलावा मार्केट में नई एंट्री करने वाली आईटीसी के बी-नैचरल और एथनिक ड्रिंक्स मेकर पेपर बोट का मार्केट शेयर इस दौरान मामूली बढ़ा है।

अभी तक के आकड़ों के मुताबिक, 1,000 करोड़ रुपए की रिटेल सेल्स के साथ डाबर के रियल के लिए देश का सबसे बड़ा अकेला ब्रैंड है। ये मौसमी, जामुन और आंवला जैसे लोकल फलों का जूस भी कंपनी बेचती है। डाबर के मार्केटिंग हेड (जूसेज और बेवरेजेज) मयंक कुमार ने कहा कि इंडिया में स्वास्थ्य को लेकर बढ़ रही जागरूकता के कारण उनके ब्रैंड का मार्केट शेयर बढ़ा है।

उन्होंने कहा, ‘शहरी भारतीयों में बदली हुई लाइफस्टाइल की वजह से पैकेज्ड फ्रूट जूस जैसे सुविधाजनक ब्रेकफस्ट और स्नैकिंग सॉल्यूशंस की डिमांड बढ़ रही है।’ उन्होंने कहा कि रियल और इसके नो-ऐडेड शुगर वैरिएंट ऐक्टिव वॉल्यूम आधारित रहे हैं। इसके साथ ही डाबर सस्ते मैंगो फ्रूट ड्रिंक जेयूसी को भी मार्केट में लाने की पूरी तैयारी में है।

पेप्सिको की एक प्रवक्ता ने कहा, ‘एक पॉलिसी के तौर पर, हम मार्केट शेयर पर कोई टिप्पणी नहीं करते हैं। इसके साथ ही ट्रॉपिकाना की मजबूत डबल डिजिट ग्रोथ 2016 में रही है। ट्रॉपिकाना हमारे पोर्टफोलियो के सबसे तेज ग्रोथ करने वाले बेवरेज ब्रैंड्स में है। इसकी 70 फीसदी ग्रोथ लोकल लेवल के इनोवेशंस की वजह से है।’

डाबर का नया सब-ब्रैंड जेयूसी बड़े फ्रूट ड्रिंक मार्केट को कवर करता है। इसमें पारले एग्रो की फ्रूटी, पेप्सिको की स्लाइस और कोका कोला की माजा आती है। यह कैटिगरी जूस से अलग है।

loading...
शेयर करें