पृथ्वी पर 8 करोड़ साल पहले मौजूद डायनासोर थे शाकाहारी, नई प्रजाति मिली

0

टोरंटो| पुरातत्व विज्ञानियों के एक अंतर्राष्ट्रीय दल ने शाकाहारी सींगयुक्त डायनासोर की एक नई प्रजाति की पहचान की है। इसके जीवाश्म की लगभग एक दशक पहले मोंटाना में खोज हुई थी। कनाडिनयन म्यूजियम ऑफ नेचर में जॉर्डन मैलोन के नेतृत्व वाले दल ने जीवाश्म का वैज्ञानिक विश्लेषण कर डायनासोर की एक नई प्रजाति की स्पष्ट व्याख्या की है। मैलोन ने डायनासोर को ‘स्पीक्लिपियस शिप्पोरम’ नाम दिया है, जो पृथ्वी पर 7.6 करोड़ वर्ष पहले पृथ्वी पर मौजूद था।

डायनासोर
प्रतीकात्मक फोटो

डायनासोर को दिया गया स्पीक्लिपियस शिप्पोरम नाम

डायनासोर की खोपड़ी का लगभग आधा हिस्सा, पैर, कूल्हे व रीढ़ की हड्डी के हिस्से गाद वाले बलुई ढाल में संरक्षित रूप में मिले थे, जो कभी बाढ़ का मैदान था। कनाडा व अमेरिका के वैज्ञानिकों के साथ मिलकर काम कर रहे मैलोन ने कहा, “सींग वाले डायना के परिवार में एक नए डायना का प्रवेश हुआ है, जो पश्चिमी उत्तरी अमेरिका में 8.5-6.6 करोड़ साल पहले अस्तित्व में था।”

उन्होंने कहा, “यह क्रिटाशियस काल के अंतिम दौर में डायनासोर की विभिन्नता का नया सबूत प्रदान करता है, वह भी उस इलाके से जहां से और अधिक खोज की संभावना है।” यह अध्ययन पत्रिका ‘पीएलओएस ओएनई’ में प्रकाशित हुआ है।

दरअसल, डायनासोर युग के खात्मे को लेकर दुनियाभर में 1980 के बाद माना जाने लगा कि अंतरिक्ष से कुछ पृथ्वी से टकराया और उसके चलते ये जीव और बड़े जीव नष्ट हुए। इससे पहले माना जा रहा था कि काल के स्वाभाविक प्रवाह में जीवों के स्वरूप बदलते गए या जीव नष्ट होते गए और नई प्रजातियाँ पैदा होती गईं। पृथ्वी पर 10 करोड़ साल तक राज करने वाले डायनासोरों के जीवाश्म अब भी उस युग की कहानियां सुनाते हैं। उस युग में डायनासोरों और सरीसृप का ही तो बोलबाला था। भारत में तो इस बात के सबूत भी मिले हैं कि कहीं-कहीं सरीसृप डायनोसोरों पर भारी पड़ते थे।

loading...
शेयर करें