आज से कैश जमा-निकासी पर बैंक चार्ज के ये हैं नए नियम, जरूर पढ़ें खास आपके लिए…

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नई दिल्ली। नोटबंदी के बाद से ही पीएम मोदी कैशलेस इंडिया पर जोर दे रहे हैं। इस दिशा में तेजी से बदलाव भी देखने को मिले। फिलहाल नोटबंदी के बाद आम लोगों की सहूलियत के लिए सरकार ने कई तरह के ट्रांजेक्शन चार्ज और लेन-देन में चार्जेज हटा दिए थे, लेकिन सोशल मीडिया में 1 मार्च से बैंक चार्ज में होने वाले बदलावों के एक मैसेज ने लोगों की नींद उड़ा रखी है। प्राइवेट बैंकों ने इनमें बदलाव की तैयारी शुरू भी कर दी है और 1 मार्च से ये कर दिए हैं।

कैशलेस इंडिया

कैशलेस इंडिया के तहत कालेधन पर लगेगी लगाम

इनके पीछे का सबसे बड़ा कारण लोगों को नकदी निकासी और जमा को लेकर हतोत्साहित करना है। ऐसा होने से लोग ज्यादा-से-ज्यादा इलेक्ट्रॉनिक ट्रांसफर करेंगे। इस तरह मनी ट्रांजैक्शन होने पर काले धन में कमी आएगी और सरकार हर तरह के मनी ट्रांजैक्शन को वक्त पड़ने पर मॉनिटर भी कर सकेगी। जानकारों के अनुसार प्राइवेट बैंको के चार्ज बढ़ाने के बाद सरकारी बैंक भी इस तरह के चार्ज लगा सकते हैं।

इन बैंकों ने किये बदलाव

एचडीएफसी बैंक

  • जमा और निकासी पर
  • 4 बार तक जमा और निकासी पर कोई चार्ज नहीं
  • उसके बाद हर ट्रांजैक्शन पर 150 रुपये और सर्विस चार्ज देना होगा। जो तकरीबन 173 रुपये होगा।
  • कैश की लिमिट पर
  • होम ब्रांच
  • इससे ऊपर हर हजार रुपये पर 5 रुपये। मिनिमम चार्ज 150 रुपये
  • 2 लाख रुपये तक हर महीने किसी एक अकाउंट से
  • दूसरी ब्रांच से
  • इससे ऊपर हर हजार रुपये पर 5 रुपये। मिनिमम चार्ज 150 रुपये
  • रोज 25 हजार रुपये तक ट्रांजैक्शन फ्री
  • थर्ड पार्टी कैश ट्रांजैक्शन पर
  • सिर्फ 25 हजार रुपये रोज जमा या निकासी कर सकते हैं। इस पर भी 150 रुपये का चार्ज लगेगा।
  • सीनियर सिटिजन और बच्चों के अकाउंट पर कोई चार्ज नहीं लगेगा, लेकिन कैश की लिमिट 25 हजार रुपये ही रहेगी।

ऐक्सिस बैंक

एक लाख रुपये प्रति महीने से ऊपर के जमा पर या पांचवीं निकासी से 150 रुपये या प्रति हजार रुपये पर 5 रुपये चार्ज करने लगता है।
बैंक जानकारों का कहना है कि चू्ंकि एचडीएफसी ने अपने चार्ज में बदलाव किए हैं, ऐसे में देर-सबेर बाकी बैंक भी कैश ट्रांजैक्शन को हतोत्साहित करने के लिए कैश विदड्रॉल के चार्ज में बदलाव कर सकती हैं।

आईसीआईसीआई बैंक

होम ब्रांच में चार से ज्यादा कैश ट्रांजैक्शंज (जमा और निकासियों) पर कम-से-कम 150 रुपये चार्ज किया जाएगा।

एटीएम पर फिर शुरू हुए चार्ज

कैशलेस इंडिया के तहत अब एटीएम से कैश निकालने की लिमिट रोज 10,000 रुपये और हर हफ्ते 50 हजार रुपये तक कर दी गयी है। आरबीआई के पुराने निर्देश के अनुसार, अगर कोई अपने बैंक के एटीएम से महीने में 5 बार से ज्यादा ट्रांजैक्शन करता है तो उसे 20 रुपये चार्ज के रूप में देने पड़ते थे। इसके तहत दिल्ली-एनसीआर, मुंबई, कोलकाता, हैदराबाद और बेंगलुरु में दूसरे बैंक के एटीएम यूज करने पर 3 ट्रांजैक्शन फ्री थे जबकि दूसरे शहरों में 5 ट्रांजैक्शन फ्री थे। एक जनवरी से ये नियम फिर से लागू हो गए हैं।

नोटबंदी से पहले एसबीआई, पीएनबी और आईसीआईसीआई बैंक 5 ट्रांजैक्शन के बाद प्रति ट्रांजैक्शन पर 15 रुपये चार्ज करते थे। इनके अलावा ज्यादातर दूसरे बैंक हर एटीएम ट्रांजैक्शन पर 20 रुपये वसूल रहे थे। अब ये चार्ज फिर से शुरू हो गए हैं।

इन बैंकों ने घटाईं बेस इंट्रेस्ट रेट्स

बेस ब्याज दरें वो होती हैं जिनके आधार पर बैंक होम लोन, पर्सनल लोन और ऑटो लोन पर ब्याज दरें तय करते हैं। इनमें कमी का मतलब है कि ब्याज दरों के कम होने से आपकी ईएमआई कम हो सकती है।

आईसीआईसीआई बैंक ​

ब्याज दरों में 0.7% की कटौती की है।

केनरा बैंक

एक साल के कर्ज पर ब्याज दरों में 0.70% कटौती की है।

बंधन बैंक

ब्याज दरों में 1.48% की कटौती की है।

कोटक महिंद्रा​

ब्याज दरों में 0.45% की कटौती की है।

वॉलिट पर चार्ज

पेटीएम वॉलिट के इस्तेमाल पर कंपनी फिलहाल कोई चार्ज नहीं लेती। पेटीएम पहले ही घोषणा कर चुका है कि जो केवाईसी करा चुके, जो दुकानदार बैंक में पैसे ट्रांसफर करते हैं, उनसे तब तक कोई चार्ज नहीं लिया जाएगा जब तक पेटीएम बैंक न लॉन्च हो जाए।

नोटबंदी से पहले सभी ई-वॉलिट बैंक में मनी ट्रांसफर करने पर चार्ज लेते थे, लेकिन उसके बाद इसे कम किया गया या बंद कर दिया गया। ऐसे में पेटीएम ने हर तरह अमाउंट को बैंक में ट्रांसफर को फ्री कर दिया था।

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