ट्रंप ने भारत को दी सबसे बड़ी चोट, पीएम मोदी ने गुस्से में दिया जवाब, कहा – अब…

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वॉशिंगटन। अमेरिका राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने पेरिस जलवायु समझौते से बाहर निकलने की घोषणा करके भारत को एक बड़ा झटका दिया है। इसके साथ ही ट्रंप ने भारत के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। जिसकी वजह से पीएम मोदी का अमेरिका दौरा खतरे में आ गया है। बता दें मोदी इस महीने के आखिर में वाइट हाउस का दौरा करने वाले थे। ट्रंप ने अपने बयान में पैरिस डील को भारत-चीन के लिए फायदेमंद बताया था।

डोनाल्ड ट्रंप

ट्रंप ने कहा था कि भारत इस समझौते के तहत विकसित देशों से अरबों-अरब रुपये की विदेशी मदद हासिल कर रहा है। ट्रंप ने 2015 में हुए पेरिस समझौते से अमेरिका को अलग कर लिया कि इससे भारत और चीन दुनिया में कचरा फैलाएंगे और अमेरिका अपना नुकसान उठाकर उन्हें पैसा और तकनीक नहीं दे सकता। दुनियाभर के नेताओं ने ट्रंप के इस बयान की आलोचना की है।

मोदी ने दिया जवाब 

पेरिस समझौते तोड़ने के बाद भारत और चीन की आलोचना करने वाले ट्रंप को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी जवाब दिया है। सेंट पीटर्सबर्ग इकनॉमिक फोरम में मोदी ने एक तरफ निवेशकों को आमंत्रित किया, तो दूसरी तरफ भारत को पर्यावरण हितैषी बताते हुए कहा कि यह देश प्राचीन काल से ही इस जिम्मेदारी को निभाता आ रहा है। बता दें करीब 195 देशों ने मिलकर पेरिस में जलवायु परिवर्तन समझौता किया था. इसके तहत कार्बन उत्सर्जन में 28 फीसदी तक कमी लाने का लक्ष्य रखा गया। ये भी तय किया गया कि साल 2100 तक ग्लोबल वार्मिंग को 2 डिग्री सेल्सियस से नीचे सीमित रखना है।

पुतिन ने क्या कहा

वहीं, इस मामले में रूस के राष्ट्रपति व्लादीमिर पुतिन ने डोनाल्ड ट्रंप का आकलन करने से मना कर दिया। इस बारे में सवाल पूछे जाने पर पुतिन ने कहा, ‘डॉन्ट वरी, बी हेपी’। पुतिन ने कहा कि पैरिस डील अधिकारिक रूप से 2021 तक प्रभाव में नहीं आने वाली थी। ऐसे में राष्ट्रों के पास ग्लोबल वॉर्मिंग से निपटने की नई योजना बनाने के लिए पर्याप्त समय है। पुतिन ने कहा कि पैरिस समझौते में शामिल होना ओबामा का फैसला था।

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