फिल्म रिव्यू : 15 साल बाद नहीं चला ‘तुम बिन’ वाला जादू, शाहरुख- सलमान भी नहीं आए नज़र

फिल्म का नाम: ‘तुम बिन 2’
डायरेक्टर: अनुभव सिन्हा
स्टार कास्ट: नेहा शर्मा , आदित्य सील, आशिम गुलाटी, कंवलजीत सिंह ,मेहर विज , सोनिया बलानी
रेटिंग: 2 स्टार

'तुम बिन 2'

‘तुम बिन 2’ फिल्म रिव्यू

मुंबई। ‘तुम बिन 2’ आज बॉक्स ऑफिस पर रिलीज़ हो गई है। ‘तुम बिन 2’ 2001 में आई ‘तुम बिन’ का सिक्वल है जिसका निर्देशन अनुभव सिन्हा ने किया है। तुम बिन ने तो हर मायने में लोगों का दिल जीत लिया था, फिर चाहे वो कहानी हो, गानें हों या फिर एक्टिंग। अब देखना है क्या 15 साल बाद अनुभव फिर वही जादू बिखेरने में कामयाब हुए हैं या नहीं।

कहानी

फिल्म की कहानी लव स्टोरी पर बेस्ड है। कहानी की शुरुआत स्कॉटलैंड से होती है जहां तरन (नेहा शर्मा) अपने होने वाले पति अमर (आशिम गुलाटी) को एक स्कीईंग एक्सीडेंट में खो देती है। तरन अपने दुख के साथ जीना चाहती है जबकि उसका परिवार उसे जिंदगी में आगे बढ़ते हुए देखना चाहता है। अमर के एक्सीडेंट के आठ महीने बाद धीरे-धीरे तरन अपनी बहनों और अमर के पिता (कंवलजीत) के साथ इस हादसे को भुलाकर जिंदगी में आगे बढ़ने की कोशिश करने लगी है। मगर बार-बार उसको अमर की सताने लगती है और उसके साथ गुजारे पल सामने आ जाते हैं। तभी कहानी में ट्विस्ट आता है और शेखर (आदित्य सील) की एंट्री होती है जो 26 साल की उम्र में बहुत सी घटनाओं का सामना कर चुका है। शेखर को तरन की हालत के बारे में पता है। धीरे-धीरे दोनों एक-दूसरे की कंपनी को एंज्यॉय करने लगते हैं। लेकिन कहते हैं ना कि पहला प्यार भुलाना काफी मुश्किल होता है। इसी वजह से तरन कोई फैसला नहीं ले पाती हैं। क्या वो अमर को भूलकर शेखर को अपना पाएगी? क्या वो अमर की तरह शेखर को प्यार कर पाएगी? इसके लिए आपको थिएटर का रुख करना पड़ेगा।

डायरेक्शन

अनुभव सिन्हा शायद इस बात को भूल गए कि तुम बिन और तुम बिन 2 में 15 सालों का फर्क है। आज के दौर के हिसाब से कहानी काफी पुरानी सी लगती है। फिल्म काफी बड़ी है, इसकी एडिटिंग की जाती तो शायद थोड़ी बेहतर लगती। खास तौर पर इंटरवल के बाद का हिस्सा काफी बोर करता है। हालांकि विजुअल के हिसाब से काफी रिच फिल्म है, लेकिन ट्रीटमेंट और बेहतर हो सकता था। फिल्म में गानों का ओवरडोज भी दिखाई पड़ता है, पहला गाना फिल्म के तीसरे मिनट में ही आ जाता है। फिल्म का क्लाइमैक्स भी काफी पुराना और कमजोर है। 

एक्टिंग

फिल्म में नेहा शर्मा का जबरदस्त रोल है उन्होंने सभी इमोशंस को बखूबी दर्शाया है। वहीं दोनों लीड एक्टर्स आशिम गुलाटी और आदित्य सील का काम भी सहज है, कंवलजीत सिंह ने पिता के रूप में कहानी में अपने किरदार को बखूबी अदा किया है। बाकी किरदारों जैसा मेहर विज, सोनिया बलानी ने भी अच्छा काम किया है।

म्यूजिक

फिल्म का म्यूजिक अच्छा है। खास तौर से ‘तेरी फरियाद’ वाली गजल समय-समय पर कहानी के फ्लो को बनाए रखने की कोशिश करती है। फिल्म का संगीत और बैकग्राउंड स्कोर अंकित तिवारी ने अच्छा दिया है। अगर आपको शायरी पसंद है, तो कुछ अच्छे वन लाईनर्स भी है।

देखें या नहीं 

अगर आप पहले वाली तुम बिन सोच कर इस फिल्म देखने जा रहे हैं तो आपको निराशा हाथ लगेगी, वैसे फिल्म एक बार देखी जा सकती है।  

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