हाजी अली दरगाह पहुंची तृप्ति देसाई, लाख कोशिशों के बाद भी नहीं मिला प्रवेश

0

मुंबई। भूमाता ब्रिगेड की अध्यक्ष तृप्ति देसाई आज सुबह 6 बजे मुंबई की हाजी अली दरगाह पहुंचीं। तृप्ति बेहद कड़ी सुरक्षा के बीच बस वहीं तक जा सकीं जहां तक अन्य किसी भी महिला को जाने की इजाज़त है। तृप्ति मजार तक नहीं जा पाईं और बाहर से ही माथा टेक वापस आ गईं।

बाहर आकर तृप्ति ने कहा, महिलाओं को दरगाह के भीतर घुसने की इजाज़त मिलनी चाहिए, जिसके लिए मैंने प्रार्थना की। तृप्ति ने कहा कि अगर 15 दिनों के अंदर महिलाओं को दरगाह में प्रवेश की इजाज़त नहीं मिली जहां तक पुरुष जाते हैं तो हम प्रदर्शन करेंगे।

यह भी पढ़ें : अर्जुन कपूर और आथिया Kiss करते हुए स्पॉट, मलाइका से बनाई दूरी

 

 

तृप्ति देसाई को पिछली बार सड़क से ही लौटना पड़ा था 

पिछली बार तृप्ति देसाई ने जब दरगाह में जाने की कोशिश की थी तो उन्हें रास्ते में ही रोक लिया गया था। उस दौरान बड़ी संख्या में मुस्लिम समुदाय के लोगों ने उनका विरोध किया था। मुस्लिम समुदाय के लोग मजार में महिलाओं के प्रवेश को अपनी परंपरा के खिलाफ मानते हैं।

2011 में लगी थी महिलाओं पर पाबंदी

पीर हाजी अली शाह बुखारी की याद में मुंबई के वरली समुद्र तट पर एक छोटे से टापू पर हाजी अली दरगाह स्थित है। देश दुनिया से मुस्लिम और बड़ी संख्या में हिन्दू श्रद्धालु यहां जियारत करने आते हैं।

1431 में सूफी संत की याद में इस दरगाह की स्थापना की गई थी। हाजी अली उजबेकिस्तान के बुखारा से भारत पहुंचे थे।

4500 वर्ग मीटर में विस्तार है दरगाह का, 85 फीट ऊंची है मीनार।

2011 में ट्रस्ट ने हाजी अली के दरगाह में महिलाओं के प्रवेश पर पाबंदी लगाई।

2012 में भारतीय मुस्लिम महिला आंदोलन ने इसके खिलाफ अदालत में अर्जी लगाई।

तृप्ति देसाई ने तोड़ी शनि शिंगणापुर मंदिर की 400 साल पुरानी परंपरा

तृप्ति देसाई हाल ही में तब सुर्खियों में आईं जब उन्होंने शनि शिंगणापुर में मंदिर के चबूतरे तक महिलाओं को एंट्री की इजाजत देने के लिए अभियान चलाया। उन्होंने कई बार एंट्री की कोशिश की लेकिन हर बार मंदिर बोर्ड या लोकल लोगों ने रोक दिया। मामला बॉम्बे हाईकोर्ट पहुंचा। कोर्ट ने महाराष्ट्र सरकार से कहा कि वह महिलाओं को किसी भी मंदिर में पूजा करने से नहीं रोक सकती। इसके बाद शनि शिंगणापुर ने 400 साल बाद एेतिहासिक फैसला लिया और महिलाओं को गर्भ गृह तक एंट्री देने का फैसला किया। इसी के बाद से तृप्ति हाजी अली दरगाह में भी एंट्री के लिए अभियान चला रही हैं।

loading...
शेयर करें