उत्तराखंड में अब तेंदुए ने फैलाई अपनी दहशत

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तेंदुए ने इलाकेदेहरादून। उत्तराखंड में इन दिनों आफत का पहाड़ टूट पड़ा है। पहले आग ने वहां के जंगलों को जलाकर खाक कर दिया। उसके बाद भारी बारिश ने लोगों को तबाह किया और अब तेंदुए ने लोगों का जीना मुश्किल कर दिया है। जाखणीधार ब्लाक में बीती रात तेंदुए के खात्मे के बाद ग्रामीण राहत की सांस भी न ले पाए थे कि अगले दिन एक और तेंदुए ने इलाके में दहशत फैला दी।

तेंदुए ने इलाके में फैलाया दहशत

तेंदुए ने इलाके में चार घंटे के अंदर छह लोगों को घायल कर दिया। घायलों में दो वन विभाग के कर्मचारी भी शामिल हैं। इस बीच तेंदुआ एक मकान में घुसा तो ग्रामीणों ने कमरे का दरवाजा बंद कर दिया।

सुबह करीब साढ़े दस बजे पलास गांव की जशोदा देवी (42 वर्ष) खेतों में काम कर रही थी। अचानक घात लगाए बैठे तेंदुए ने उन पर हमला कर दिया। आसपास काम रही अन्य महिलाएं शोर करते हुए जशोदा की ओर भागीं तो तेंदुआ वहां से भाग गया। जशोदा को नंदगांव के प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में भर्ती करा ग्रामीणों ने घटना की सूचना वन विभाग को दी।

वन विभाग की टीम पलास गांव में मौके मुआयना कर ही रही थी कि तेंदुए ने फारेस्टर प्रेमदत्त थपलियाल पर झपट्टा मारा और जंगल में गायब हो गया। इसके बाद वन विभाग ने तेंदुए की तलाश तेज कर दी।

इसके करीब एक घंटे बाद टीम के सदस्य वन कर्मी आनंद सिंह पर भी तेंदुआ झपटा, लेकिन उनके साथी ने लाठी का प्रहार किया तो तेंदुआ भाग गया। आनंद सिंह को भी खरोंचे आई हैं। दोपहर बाद करीब ढाई बजे तेंदुआ नंदगांव में बुद्धा देवी (45 वर्ष) के घर में जा घुसा। बुद्धा कमरे में काम में व्यस्त थीं कि तेंदुए ने उन पर हमला कर दिया।

आक्रोशित ग्रामीणों ने टीम का घेराव किया और तेंदुए को मारने की मांग पर अड़ गए। टिहरी के प्रभागीय वनाधिकारी आरपी मिश्रा ने बताया कि ग्रामीणों से समझाया। तेंदुए को पकडऩे के लिए पिंजरा लगाया गया। देहरादून से ट्रैंकुलाइजर गन मंगाई गई। घंटो मशक्कत करने के बाद टीम ने तेंदुए को अपने काबू में किया।

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