…तो इसलिए हरीश रावत के हाथ से गई सीएम की गद्दी

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देहरादून। उत्तराखंड के पूर्व सीएम हरीश रावत के ग्रह नक्षत्र कुछ ठीक नहीं चल रहे हैं। लगता है पूर्व सीएम हरीश रावत अंकों के खेल में उलझ गए हैं। अंकों का खेल भी महान होता है। किसी पर नौ, 13, 27 का अंक खूब फबता है और किसी पर भारी पड़ता है।

हरीश रावत

हरीश रावत पर अंक नौ भारी

ऐसा ही कुछ उत्तराखंड के पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत के साथ भी हुआ। नौ का अंक उनके लिए कहीं से अच्छा नहीं रहा। बजट सत्र शुरू हुआ 9 मार्च को, कांग्रेस के बागी विधायक 9 थे। सरकार अल्पमत में आई 18 मार्च को, यानी टोटल 1+8=9, सदन में बीजेपी के विधायक थे 27, यानी 2+7=9, प्रदेश में राष्ट्रपति शासन लागू 27 मार्च को यानी 2+7=9, राज्य बनने की तारीख थी 9, प्रदेश में धारा 144 लागू, यानी 1+4+4=9, अगला मुख्यमंत्री 9 वां होगा।

शनि के वक्री होने से मची उथल-पुथल

25 मार्च को शनिदेव वक्री हो गए हैं, जो कि 12 अगस्त तक वक्री रहेंगे। शनिदेव के शत्रु राशि (वृश्चिक) पर वक्री होने से उत्तराखंड की राजनीति में भूचाल आ गया है। फिलहाल दस से बारह अगस्त तक ऐसी ही उथल-पुथल रहेगी। शनि का वक्री होना केंद्र सरकार के लिए भी अच्छा नहीं माना जा रहा है।

शनि की दृष्टि ठीक नहीं
शनि इस समय मंगल के साथ हैं, जो कि उत्तराखंड की राशि मीन को पांचवीं दृष्टि से देख रहे हैं। शनि का सातवीं, पांचवीं और नौवीं दृष्टि से देखना अच्छा नहीं माना जाता है। शनिदेव का यह रूप राजनैतिक उथल-पुथल एवं महंगाई बढ़ाने में कारक माना जाता है। इसके साथ ही प्राकृतिक आपदाएं भी बढ़ सकती हैं।

जल्द नहीं मिलेगी राहत

इस राशि में ही शनि अब वक्री होकर संचार कर रहे हैं। 8 जनवरी 2016 से 9 मई 2016 तक गुरु भी वक्री चल रहे हैं। जो कि उत्तराखंड की सरकार के लिए प्रतिष्ठा एवं क्षतिकारक माना जा रहा था। शनि की वक्री चाल के चलते ही यह उथल-पुथल हुई है, इससे दस से बारह अगस्त तक राहत मिलती नहीं दिख रही है।

अभी और मचेगी उथल-पुथल

डॉ. आचार्य सुशांत राज के अनुसार ऐसे में बेमौसम वर्षा, भ्रष्टाचार, खाद्यान्न आदि वस्तुओं की कमी होती है। देश के किसी प्रमुख राजनैतिक नेता के अपदस्थ, सत्ता परिवर्तन या मृत्यु के भी योग हैं। पश्चिमी देशों में हिंसा होगी।

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