त्रिपुरा के सीएम ने फिर दिया विवादित बयान, इस बार रवींद्रनाथ टैगोर को लेकर कही ये बड़ी बात

नई दिल्ली। त्रिपुरा के सीएम बिप्लब देब अपने काम से ज़्यादा विवादित बयानों को लेकर सुर्खियों में रहते हैं। इस बार भी वो इसी वजह से चर्चा का विषय बने हैं। बिप्लब देब ने रवींद्रनाथ टैगोर पर विवादित बयान दिया है। मुख्यमंत्री जी ने रवींद्रनाथ टैगोर की 157वीं जयंती पर कहा कि टैगोर ने अंग्रेज़ों के विरोध में अपना नोबेल पुरस्कार लौटा दिया था।

त्रिपुरा के सीएम

बिप्लब देब ने अगरतला में टैगोर को श्रद्धांजलि देते हुए एक कार्यक्रम में कहा कि टैगोर ने ब्रिटिश सत्ता के विरोध में नोबेल पुरस्कार वापस कर दिया था। इस बयान के बयान के बाद बिप्लब देब के ज्ञान पर सवाल उठ रहे हैं।

सच्चाई ये है कि नोबेल पुरस्कार से सम्मानित कवि, उपन्‍यासकार, नाटककार, चित्रकार, और दार्शनिक रवींद्र नाठ टैगोर ने जलियांवाला बाग कांड के खिलाफ ब्रिटिश सरकार का दिया नाइटहुड सम्मान वापस किया था न कि नोबेल।

यह पहला मौका नहीं है जब बिप्लब देब अपने बायन की वजह से सुर्खियों में है। इससे पहले भी अपने बयानों से अपनी और पार्टी की फजीहत करवा चुके हैं। त्रिपुरा के सीएम बिप्लब देब ने एक कार्यक्रम में दावा किया था कि 5000 साल पहले महाभारत काल में इंटरनेट और सैटेलाइट थे। बिप्लब देब का तर्क है कि अगर इंटरनेट नहीं रहा होता, तो हस्तिनापुर नरेश धृतराष्ट्र को संजय युद्ध का आंखो देखा हाल कैसे सुना पाते? त्रिपुरा के मुख्यमंत्री बिप्लब देब सोशल मीडिया पर लगातार अपने विवादित बयानों की वजह से ट्रोल हो रहे हैं।

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