‘संकट मोचन’ ऑपरेशन ने बचाई 156 भारतीयों की जान

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तिरुवनंतपुरम। संकटग्रस्त दक्षिण सूडान से 85 भारतीय शुक्रवार को यहां पहुंचे, जिनमें से 46 केरल के रहने वाले हैं। भारतीय वायुसेना का विशेष विमान उन्हें लेकर यहां पहुंचा। दक्षिण सूडान से सुरक्षित निकाले गए लोगों में से दो नेपाली नागरिक, सात महिलाएं और तीन बच्चे भी शामिल हैं।

दक्षिण सूडान से कुल 156 भारतीय नागरिकों को भारतीय वायुसेना के दो सी-17 ग्लोबमास्टर विमानों से सुरक्षित स्वदेश लाया गया है, जिनमें से एक विमान 71 नागरिकों को लेकर नई दिल्ली में उतरा, जबकि 85 यात्रियों को लेकर दूसरा विमान तिरुवनंतपुरम में उतरा।दक्षिण सूडान

दक्षिण सूडान में फंसे 156 भारतीय सुरक्षित  लौटे  वतन

केरल सरकार ने यहां सुबह विमान से उतरने वाले दक्षिण भारत के अन्य राज्यों के लोगों की आगे यात्रा के लिए विशेष इंतजाम किए हैं। इन यात्रियों में शामिल अनिल कुमार ने बताया कि दक्षिण सूडान में इस सप्ताह की शुरुआत से ही गोलीबारी की घटनाएं तेज हो गई थीं।

करीब पांच दिनों में भारी गोलीबारी हुई, जिसके बाद आखिरकार हमने वापस आने का निर्णय लिया।

केरल के एक अन्य नागरिक ने कहा कि दक्षिण सूडान में प्रतिद्वंद्वी गुटों के बीच संघर्ष की स्थिति काफी भयावह थी। केरल के एक अन्य व्यक्ति ने कहा कि हम सरकार और वहां स्थित भारतीय दूतावास के आभारी हैं, जिन्होंने स्थिति की गंभीरता को भांपते हुए तुरंत कार्रवाई की। यदि वहां सब कुछ वापस सामान्य हो जाता है तो मैं फिर वहां जाना चाहूंगा।

भारत सरकार ने संकटग्रस्त अफ्रीकी देश दक्षिण सूडान में फंसे भारतीयों को सुरक्षित स्वदेश लाने के लिए विदेश राज्य मंत्री वी.के.सिंह की अगुवाई में ऑपरेशन संकट मोचन शुरू किया है।

यह विमान सुबह पांच बजे हवाईअड्डे पर उतरा। सिंह ने संवाददाताओं से कहा कि 300 से अधिक भारतीयों ने व्यावसायिक कारणों से सूडान में ही रहने का निर्णय किया।

सिंह ने कहा कि जब मैं वहां था, तो मैंने दक्षिण सूडान के उपराष्ट्रपति से बात की थी। उन्होंने मुझे बताया कि वह वहां लोगों की सुरक्षा के लिए क्या इंतजाम कर रहे हैं।

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