सार्क सम्मेलन के लिए देशों के बीच हो अच्छा माहौल

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माले। पाकिस्तान द्वारा नवम्बर महीने में होने वाले दक्षेस शिखर सम्मेलन को स्थगित करने की घोषणा के साथ ही मालदीव ने आठ देशों के गुट के सम्मेलन के लिए अनुकूल माहौल बनाने पर जोर दिया है। मालदीव के विदेश मंत्रालय ने शुक्रवार की शाम एक बयान जारी कर कहा, “19वें दक्षेस शिखर सम्मेलन के आयोजन के लिए मालदीव सरकार ने दक्षिण एशियाई क्षेत्रीय सहयोग संगठन (दक्षेस) के सदस्यों से अनुकूल माहौल बनाने का अनुरोध किया है।”

दक्षेस शिखर सम्मेलन

दक्षेस शिखर सम्मेलन को लेकर की अपील

बयान के अनुसार, “यह अपील आतंकवाद और क्षेत्रीय एवं अंतर्राष्ट्रीय शांति को खतरे के कारण कुछ दक्षेस के सदस्यों की ओर से सम्मेलन में भाग लेने पर असमर्थता जाहिर करने के बाद की गई है।” क्षेत्र में लगातार देश प्रायोजित आतंकवाद का हवाला देते हुए भारत ने मंगलवार को दक्षेस शिखर सम्मेलन में शामिल नहीं होने की घोषणा की थी। भारत ने गत 18 सितम्बर को जम्मू एवं कश्मीर के उड़ी में एक सैन्य शिविर पर हुए हमले के बाद यह फैसला किया था। इसके बाद इसी तरह के कारणों का उल्लेख करते हुए भूटान, बांग्लादेश और अफगानिस्तान ने भी सम्मेलन में भाग लेने को लेकर असमर्थता जताई थी। यह सम्मेलन इस्लामाबाद में नौ से 10 नवंबर को आयोजित होना था।

मालदीव की ओर जारी बयान में कहा गया, “मालदीव अंतर्राष्ट्रीय आतंकवाद की निंदा करता है। दक्षेस शिखर सम्मेलन इसके सभी सदस्य देशों की सरकारों तथा राष्ट्राध्यक्षों के इसमें शामिल होने पर ही आयोजित हो सकता है।” दक्षेस के वर्तमान अध्यक्ष नेपाल ने शुक्रवार को कहा था कि अगर एक सदस्य भी सम्मेलन में शामिल होने पर असमर्थता जाहिर करता है तो दक्षेस शिखर सम्मेलन नहीं हो सकता है।

मालदीव ने यह कदम श्रीलंका द्वारा शुक्रवार को सम्मेलन शामिल होने की अनिच्छा जाहिर करने के बाद उठाया। साल 1985 में दक्षेस की स्थापना हुई थी। नेपाल, बांग्लादेश, भूटान, श्रीलंका, पाकिस्तान, मालदीव, अफगानिस्तान और भारत इसके सदस्य हैं।

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