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दरोगा को नहीं मिला, पोस्टमार्टम में मिल गया सुसाइड नोट

इलाहाबाद। नगर निगम के करेली स्थित रसूलपुर कार्यालय मे नगर निगम में नियुक्त चालक ने फांसी लगाकर  आत्महत्या कर ली। चालक  ने आत्म हत्या की वजह सुसाइड नोट में लिखी थी लेकिन यह सुसाइड नोट पुलिस को नहीं मिला। जबकि अन्त्य परीक्षण के दौरान मृतक की जेब से सुसाइट नोट पोस्टमार्टम हाउस में मिल गया।
दरोगा
जिले के सोरांव थाना क्षेत्र के रइया गांव के निवासी श्यामलाल मिश्रा (53)  पुत्र स्वर्गीय वासुदेव मिश्रा नगर निगम में  चालक  पद पर नियुक्त  थे। श्यामलाल पूरे परिवार के साथ अपने  मकान में  धूमनगंज थाना क्षेत्र के मुण्डेरा मंडी में रहते थे।   परिवार दो पुत्र और दो पुत्री और पत्नी सुखदेवी है। श्यामलाल मंगलवार की सुबह घर से निकला और  रसूलपुर नगर निगम कार्यालय पहुंचा। जहां उसने  कमरें के अंदर  फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। जब वहां के अन्य कर्मचारियों को इसकी जानकारी हुई तो पुलिस को सूचना दी। सूचना पर पहुंची पुलिस ने उसके परिजनों को खबर दी। खबर मिलते ही परिवार के लोग बदहवासी के हालात में मौके पर पहुंचे। वहां पर आत्म हत्या की वजह किसी महाजन के तगादे को बताया जा रहा था। वह तगादे से तंग आ चुका था लेकिन पंचनामा भरने वाले दरोगा को मृतक के जेब से सुसाइट नोंट  नहीं मिला।

दरोगा को नहीं मिला तो पोस्टमार्टम हाउस में कैसे आ गया

पुलिस ने आनन-फानन में शव का पंचनामा किया और अन्त्य परीक्षण के लिए भेज दिया। पोस्टमार्टम हाउस  में  पुलिसिया लापरवाही की पोल उस वक्त खुली जब मृतक के जेब से सुसाइट नोट मिला। जिसका उल्लेख पुलिस ने पंचनामा में भी नहीं किया था। चिकित्सकों ने सुसाइट नोट को पोस्टमार्टम दस्तावेज के साथ चस्पा कर  शव को उसके परिजनों को सौप दिया। सुसाइट नोट में उसने लिखा है कि वह एक महाजन से काफी परेशान हो चुका था। जिस वजह से आत्म हत्या कर रहा है। पुलिस मामले पर पर्दा डालने में लगी हुई है।

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