शादी के 46 साल बाद पहली बार मां बनीं दलजिंदर कौर

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नई दिल्ली। किसी भी विवाहित स्‍त्री के लिए मां बनना सबसे बड़ा सुख होता है, कुछ ऐसा ही कहना है 72 साल की उम्र में मातृत्‍व का सुख पाने वाली दलजिंदर कौर का। पंजाब की 70 साल की दलजिंदर कौर ने पिछले महीने एक बच्चे को जन्म दिया। उनके पति की उम्र 79 साल है। हरियाणा के एक फर्टलिटी क्लिनिक में दो साल तक इलाज चलने के बाद दलजिंदर कौर और उन‍के पति मोहिंदर सिंह गिल को संतान सुख की प्राप्ति हुई है।

दलजिंदर कौर

दलजिंदर कौर ने बताया कि उनकी शादी की 46 साल बीत चुके हैं और दोनों संतान होने की सारी उम्‍मीदें खो चुके थे। वहीं बच्‍चे के जन्‍म के बाद उनका कहना है कि आखिकार भगवान ने उनकी सुन ली। ऐसी ऊर्जा आज तक उन्‍हें कभी नहीं मिली। वे बच्‍चे की देखभाल अच्‍छे से कर रही हैं। मेरे पति भी बहुत ख्‍याल रखने वाले हैं और जहां तक हो सके मेरी मदद करते हैं। कौर ने कहा, ‘जब हमने आईवीएफ का विज्ञापन देखा तो हमने सोचा कि क्‍यों ना इसे एक बार आजमाया जाए क्‍योंकि मैं हर हाल में अपना खुद का बच्‍चा चाहती थी।’

क्या है आईवीएफ?

इन-विट्रो फर्टिलाइजेशन को ही ‘आईवीएफ’ या कृत्रिम गर्भाधान के नाम से जाना जाता है। यह तकनीक उन महिलाओं के लिए इस्तेमाल में लाई जाती है, जिनको मां बनने में दिक्कतें आ रही हों। इसमें बॉडी के बाहर एग और स्पर्म को फर्टिलाइज किया जाता है और पेशेंट को हार्मोन के इंजेक्शन दिए जाते हैं, ताकि उसके शरीर में एग सेल्स अधिक बनने लगें। इसके बाद एग को गर्भाशय से निकाल लिया जाता है। कंट्रोल्ड एनवायरन्मेंट में मरीज के साथी के स्पर्म से उन्हें फर्टिलाइज्ड कराया जाता है। इसके बाद उन्हें पेशेंट के गर्भाशय में पहुंचाया जाता है।

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