जानें, दशहरे पर पूजा करने की विधि, पूरी होंगी सभी मनोकामनाएं

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देहरादून। उत्तराखंड में दशहरा की धूम साफ तौर पर देखी जा सकती है। ये महत्वपूर्ण त्यौहार सत्य की जीत का प्रतीक है। इस दिन अधर्म और बुराई को समाप्त करके धर्म की स्थापना और शांति का प्रतीक है।

दशहरा

दशहरा पर होती है शस्त्र शस्त्रों की पूजा

दशहरा के दिन क्षत्रियों के यहां शस्त्रों की पूजा होती है, इस दिन नीलकंठ का दर्शन बहुत शुभ माना जाता है। दशहरा या विजया दशमी नवरात्रि के पश्चात दसवें दिन मनाया जाता है।

नया काम करना होता है शुभ

दशहरे के दिन नए व्यापार या कार्य की शुरुआत करना अति शुभ होता है। यह अत्यंत शुभ तिथियों में से एक है, इस दिन वाहन, इलेक्ट्रॉनिक्स आइटम, स्वर्ण, आभूषण नए वस्त्र इत्यादि खरीदना शुभ होता है। दशहरे के दिन नीलकंठ भगवान के दर्शन करना अति शुभ माना जाता है। दशहरा के दिन लोग नया कार्य प्रारम्भ करते हैं।

पूजा के लिए शुभ मुहूर्त

विजय मुहूर्त – 14:02 से 14:48

अवधि – 0 घण्टे 45 मिनट्स

अपराह्न पूजा का समय – 13:16 से 15:33

अवधि – 2 घण्टे 17 मिनट्स

दशमी तिथि प्रारम्भ – 10/अक्टूबर/2016 को 22:53 बजे

दशमी तिथि समाप्त – 11/अक्टूबर/2016 को 22:28 बजे

इस तरह करें पूजा

दशहरे के दिन सुबह दैनिक कर्म से निवृत होने के पश्चात स्नान आदि करके स्वच्छ वस्त्र धारण किए जाते हैं। घर के छोटे-बडे़ सभी सदस्य सुबह नहा-धोकर पूजा करने के लिए तैयार हो जाते हैं। उसके बाद गाय के गोबर से दस गोले अर्थात कण्डे बनाए जाते हैं। इन कण्डो पर दही लगाई जाती है। दशहरे के पहले दिन जौ उगाए जाते हैं। वह जौ दसवें दिन यानी दशहरे के दिन इन कण्डों के ऊपर रखे जाते हैं। उसके बाद धूप-दीप जलाकर, अक्षत से रावण की पूजा की जाती है। कई स्थानों पर लड़कों के सिर तथा कान पर यह जौ रखने का रिवाज भी दशहरे के दिन होता है। भगवान राम की झांकियों पर भी यह जौ चढा़ए जाते हैं।

दशहरे पर अनेक प्रकार के रीति-रिवाज़ों का प्रचलन

इस त्यौहार के अंतर्गत अनेक प्रकार के रीति-रिवाज़ों का प्रचलन है। जैसे कृषि -महोत्सव या क्षात्र-महोत्सव, सीमोल्लंघन का परिणाम दिग्विजय तक पहुंचा, शमीपूजन, अपराजितापूजन एवं शस्त्रपूजन जैसी कुछ महत्वपूर्ण धार्मिक कृतियां की जाती हैं। दशहरे का एक सांस्कृतिक महत्व भी रहा है। इस समय भारत वर्ष में किसान फसल उगाकर अनाज रूपी संपत्ति घर लाता है और उसी शुभ उमंग के अवसर पर वह उसका पूजन करता है।

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