दानिश कनेरिया बोले, ‘पाकिस्तानी होने पर गर्व, नहीं मांगी बीसीसीआई से कोई मदद’

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दानिश कनेरियानई दिल्ली। पाकिस्तानी क्रिकेटर दानिश कनेरिया अपने बयान से पलट गए हैं। उन्होंने कहा कि उन्‍होंने कभी भी बीसीसीआई से मदद की गुहार नहीं लगाई है उन्‍हें पाकिस्‍तानी होने पर गर्व है। दरअसल आईसीसी ने कनेरिया पर स्पॉट फिक्सिंग के कारण लाइफटाईम का बैन लगाया था।

दानिश कनेरिया ने नहीं मांगी मदद

ण्क अंग्रेजी अखबार में छपी खबर के अनुसार दानिश कनेरिया ने बीसीसीआई से मदद की अपील की थी। दानिश ने भारतीय क्रिकेट बोर्ड से निवेदन किया था कि वह आईसीसी के सामने उसके पक्ष को रखने में उसकी मदद करे ताकि वह अपने आप को निर्दोष साबित कर सके। दानिश ने कहा बीसीसीआई चाहे तो वह भारत के युवा गेंदबाजों को प्रशिक्षण भी दे सकता है। उन्होंने कहा अभी उनके अंदर बहुत क्रिकेट बची है और भारत चाहे तो वह इसका इस्तेमाल कर सकता है।

पैसों के लिए मोहताज कनेरिया

पाक क्रिकेटर दानिश ने कहा कि इस समय वह बहुत ही बुरे दौर से गुजर रहे हैं। वह अपनी बची हुई सेविंग से अपना खर्चा चला रहे हैं। ऐसे में अगर भारतीय क्रिकेट बोर्ड उनकी कोई मदद करता है तो यह उनके ऊपर भारत का अहसान होगा।

पीसीबी पर लगाया भेदभाव का आरोप

अखबार के मुताबिक दानिश ने पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड पर भेदभाव का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि पीसीबी ने 2010 में स्पॉट फिक्सिंग में फंसे मोहम्मद आमिर की मदद कर उसे दोबारा टीम में शामिल कर लिया लेकिन पीसीबी में उनकी परेशानी सुनने वाला कोई नहीं है और वह यहां मर रहे हैं।

35 साल के प्रतिबंधित लेग स्पिनर ने कहा कि सच तो यह है कि वह पाकिस्तान में अल्पसंख्यक हैं इस कारण यहां उसकी सुनवाई नहीं हो रही है। उन्होंने कहा कि वह एक हिंदू हूं जो पाकिस्तान में अल्पसंख्यक है। इंग्लिश क्रिकेट बोर्ड (ईसीबी) ने जब मुझ पर स्पॉट फिक्सिंग का चार्ज लगाया तो उन्‍होंने उसे मानने से इनकार कर दिया। वह चाहते हैं कि इसकी सुनवाई हो लेकिन अब यह बेहद मुश्किल हो गया है।

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