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दिग्विजय सिंह बोले – मैं ‘हिंदू’ धर्म को नहीं मानता, ‘हिंदुत्व’ कोई शब्द नहीं

वाराणसी कांग्रेस के वरिष्ठ नेता दिग्विजय सिंह ने एक बार फिर विवादित बयान देकर सबको चौका दिया है। दिग्विजय ने कहा कि ‘हिंदुत्व’ कोई शब्द नहीं है और न ही मैं हिंदुत्व को मानता हूं। मैं सनातन धर्म का पालन करने वाला व्यक्ति हूं। मैं और मेरा परिवार स्नातन धर्म को मानते हैं। दिग्विजय सिंह से जब राम मंदिर के बारे में पूछे एक सवाल के जवाब में उन्होंने यह बात कही।

दिग्विजय सिंह

दिग्विजय सिंह बोले, राहुल गांधी की तारीफ की

हैदराबाद यूनिवर्सिटी में दलित छात्र रोहित की आत्महत्या को लेकर छात्रों के साथ अनशन पर बैठे राहुल गांधी की बीजेपी द्वारा आलोचना पर दिग्विजय सिंह ने कहा कि बीजेपी और आरएसएस एबीवीपी के जरिये देश के शिक्षण संस्थाओं पर कब्ज़ा करना चाहते हैं और यह सभी दलित और गरीब विरोधी हैं। दिग्विजय ने रोहित वेमुला को न्याय दिलाने के लिए कांग्रेस उपाध्यक्ष राहुल गांधी के हैदराबाद यूनिवर्सिटी कैंपस में भूख हड़ताल पर बैठने की तारीफ की।

इसलिए गए थे वाराणसी

दिग्विजय से जब राम मंदिर के बारे में पूछे एक सवाल के जवाब में उन्होंने यह बात कही। वह वाराणसी स्थित विद्यामठ में शंकराचार्य स्वरूपानंद सरस्वती से मिलने गए थे। इसके बाद पत्रकारों से बातचीत के दौरान दिग्विजय ने खुद को सनातन धर्मी बताया। दिग्विजय ने महाराष्ट्र के शनि शिंगणापुर मंदिर में महिलाओं के पूजा करने पर रोक को भी गलत बताया। उन्होंने कहा कि किसी भी मंदिर में कोई रोक-टोक नहीं होनी चाहिए। महिला या पुरुष सभी मंदिर में जा सकते हैं। जिस किसी की भी आस्था धर्म में हो वह मंदिर जा सकता है।

बीजेपी-आरएसएस पर हमला

दि‍ग्‍विजय सिंह ने कहा कि राहुल गांधी के भूख हड़ताल पर कहा कि बीजेपी-आरएसएस एबीवीपी के जरिए देश की शिक्षण संस्थाओं पर कब्जा करना चाहते हैं। ये सभी दलित और गरीब विरोधी हैं। ये गरीब और दलित विरोधी हैं इसलिए राहुल के उपवास पर सियासत कर रहे हैं।

अमृता राय के सवाल पर मुस्‍कुरा दिए दिग्‍विजय

कांग्रेस महासचिव दिग्विजय सिंह ने पहली बार अपनी पत्नी अमृता राय से जुड़े किसी निजी सवाल का जवाब दिया है। उन्होंने टीवी एंकर अमृता के राजनीति में आने के सवाल पर कहा कि वह राजनीति और पार्टी से भी दूर रहेंगी। दिग्विजय सिंह पहले तो अमृता से जुड़े सवाल पर मुस्कुरा दिए और फिर झेंपते हुए कहा कि उनका राजनीति में आने का सवाल ही नहीं पैदा होता है। उन्हें राजनीति से दूर रहना पसंद है और वे पार्टी से भी दूर रहेंगी।

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