दिल्ली में होम क्वारंटीन खत्म करने के फैसले का केजरीवाल ने किया विरोध

नई दिल्ली: दिल्ली के मुख्यमंत्री केजरीवाल ने एलजी के उस फैसले का विरोध किया है जिसमें उन्होंने होम क्वारंटीन खत्म करने के निर्णय लिया था. स्टेट डिजास्टर मैनेजमेंट अथॉरिटी की बैठक में शनिवार को केजरीवाल ने एलजी के फैसले पर विरोध जताया. केजरीवाल ने कहा कि एलजी के फैसले से संक्रमण बढ़ने का खतरा है.

बैठक के बाद दिल्ली के उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया ने कहा कि मीटिंग में दोनो ही मुद्दों प्राइवेट हॉस्पिटल के बेड के रेट और होम आइसोलेशन खत्म करने के LG साहब के आदेश पर सहमति नहीं बनी, अब बैठक शाम को 5 बजे दोबारा होगी. केंद्र सरकार ने प्राइवेट अस्पतालों में केवल 24% बेड को सस्ता करने की सिफारिश की है जबकि दिल्ली सरकार कम से कम 60% बेड सस्ते देने पर अड़ी है. यहीं बात अटक गई है. शाम को फिर इस पर चर्चा होगी.

गौररतलब है कि दिल्ली के उपराज्यपाल अनिल बैजल ने आदेश जारी किया है. आदेश के मुताबिक दिल्ली में हर कोरोना पॉजिटिव व्यक्ति को पांच दिन सरकारी क्वारंटीन सेन्टर में रहना होगा. क्वरंटीन सेंटर में रहने के बाद अगर लक्षण नहीं दिखा तो घर में क्वरंटीन किया जाएगा. लेकिन अगर लक्षण दिखे तो उसे क्वारंटीन सेंटर या अस्पताल में भेजा जाएगा. दिल्ली सरकार ने इस आदेश का विरोध करते हुए कहा कि यह ‘मनमाना’ आदेश है और इससे पहले से ही दबाव झेल रही स्वास्थ्यसेवा प्रणाली पर बोझ बढ़ेगा.

सिसोदिया ने शनिवार बैठक से कुछ ही मिनट पहले ही इस बात के संकेत दे दिए थे कि वह एलजी के फैसले का विरोध करेंगे. उन्होंने कहा कि यह आदेश आईसीएमआर के दिशा-निर्देशों के खिलाफ है और इससे दिल्ली में ‘अराजकता’ पैदा हो जाएगी.

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