दिल्ली सरकार का प्राइवेट स्कूलों को आदेश, अभी न बढ़ाएं फीस

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नई दिल्ली। दिल्ली सरकार के शिक्षा विभाग ने प्राइवेट स्कूलों को एक सर्कुलर जारी किया है। इस सर्कुलर में प्राइवेट स्कूलों को 2017-18 में फीस बढ़ोतरी को लेकर अभी मैनेजिंग कमेटी की कोई मीटिंग न करने का आदेश दिया गया है। इस सर्कुलर में कहा गया है कि दिल्ली सरकार ने सेंट्रल सिविल सर्विसेज (रिवाइज पे) रुल्स 2016 को अडॉप्ट किया है। कर्मचारियों के लिए 7वें वेतन आयोग की सिफारिशें लागू की हैं।

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दिल्ली सरकार जल्द जारी करेगी गाइडलाइंस

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, प्राइवेट स्कूलों में वेतन आयोग की सिफारिशों को कैसे लागू किया जाए और इसके लिए क्या प्रोसेस फॉलो किया जाए, इस बारे में एजुकेशन डिपार्टमेंट की ओर से गाइडलाइंस जारी की जाएंगी। जब तक गाइडलाइंस जारी नहीं होती, तब तक स्कूल नए सेशन में फीस बढ़ाने को लेकर मैनेजिंग कमिटी की मीटिंग नहीं कर सकते। प्राइवेट स्कूलों में स्टूडेंट्स से ट्यूशन फीस, डेवलपमेंट फीस, ऐनुअल चार्ज, ट्रांसपोर्टेशन चार्ज समेत कई कैटिगरी में फीस वसूली जाती है।

खबरों के मुताबिक, मुताबिक दिल्ली सरकार की ओर से स्कूलों के लिए जल्द ही आदेश जारी किया जाएगा, जिसमें 7वें वेतन आयोग की सिफारिशों को लागू करने के बारे में गाइडलाइंस होंगी। सरकार ने स्कूलों के अकाउंट्स की भी जांच की है। जिन स्कूलों के पास पहले से ही रिजर्व फंड है, उन्हें फीस बढ़ाने की इजाजत नहीं दी गई थी। वेतन आयोग की सिफारिशों को लागू करने के लिए स्कूलों में कितनी फीस बढ़ाने की जरूरत होगी, इसका फैसला एजुकेशन डिपार्टमेंट की गाइडलाइंस आने के बाद ही हो सकेगा। अप्रैल 2016 में ऐकडेमिक सेशन शुरू होने के बाद दिल्ली सरकार ने सर्कुलर जारी कर कहा था कि सरकार की मंजूरी के बगैर प्राइवेट स्कूल अपनी फीस नहीं बढ़ाएंगे।

स्कूलों की असोसिएशन ने इस मामले में सरकार के फैसले को कोर्ट में भी चुनौती दी थी, लेकिन स्कूलों को राहत नहीं मिली। दरअसल 19 जनवरी को दिल्ली हाई कोर्ट की डबल बेंच ने आदेश जारी कर कहा था कि प्राइवेट अनऐडेड स्कूल जिन्हें डीडीए ने जमीन अलॉट की है, उन्हें फीस बढ़ाने से पहले सरकार से मंजूरी लेनी होगी।

Edited by- Jitendra Nishad

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