ऐड देखकर पीएम मोदी को लिखा लेटर और भर गया दिल का छेद

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पुणे। 6-7 साल की सेकंड स्‍टैंडर्ड में पढ़ने वाली एक गरीब घर की बच्ची ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को एक लेटर लिखा है। इस बच्ची के दिल में छेद है, उसके परिजन इतने गरीब है कि अपने बच्ची का इलाज तक नही करा सकते और ना ही उसके दिल का छेद भर सकते है । उसके पिता की ऐसी हालत है कि दवाई लाने के लिए मात्र 90 रूपये मे अपनी साइकिल बेचनी पड़ी। लेकिन उस बच्ची के लिखे एक लेटर ने उसकी और उसके परिवार की जिंदगी बदल दी।

दिल का छेद

पांच दिनों के बाद आया दिल का छेद भरने का जवाब

उस बच्ची ने अपनेे आईडी कार्ड के साथ एक लेटर नरेंद्र मोदी को लिखा जिसका जवाब पांच दिनों के बाद आया। इसके बाद पीएमओ से डिस्ट्रिक्ट कलेक्टर को पत्र लिखा गया और बच्ची की  दिल का छेद भरने में उसकी मदद करने को कहा गया। जिसके बाद उसकी हार्ट सर्जरी फ्री में की गई।

पुणे की है लड़की 

पुणे मे रहने वाली वैशाली के दिल में छेद था। जो कि अब ठीक हो गई है। बच्ची के पिता पेंटर का काम करते है। इसलिए वो ऑपरेशन के लिए इतनी बड़ी रकम नहीं जुटा पा रहे थे। वैशाली यादव नाम की यह बच्ची प्रदन्या शिशु विहार स्कूूल में सेकंड   स्‍टैंडर्ड में पढ़ती है।

स्कूल में हो गई थी बेहोश

एक दिन स्कूल में वैशाली अचानक बेहोश गई। इसके बाद उसे डॉक्टर के पास ले जाया गया। तब डॉक्टरों ने बताया कि उसके दिल में छेद है और उसका ऑपरेशन करना होगा।

राजनीतिक पार्टियों से मांगी थी मदद 

इससे पहले वैशाली के पिता और चाचा ने एनजीओ व कई राजनीतिक पार्टियों से मदद मांगी थी, पर कोई आगे नहीं आया। वैशाली ने अपने पत्र के साथ अपना आईडी और मोबाइल नंबर भी दिया था। इसके बाद पीएमओ के आदेश पर अधिकारी वैशाली के घर पहुंचे, लेकिन वहां से कुछ पता नहीं चला, तो वो वैशाली के स्कूल गए।

जहां से वैशाली के बारे में पता चला। वैशाली की सरकारी अस्पताल में जांच कराई गई। इसके बाद उसे 4 जून को रुबी अस्पताल में इलाज के लिए भर्ती कराया गया। जहां उसका ऑपरेशन हुआ मंगलवार 7 जून को उसे डिस्चार्ज कर दिया गया।

एेेड देखकर आया लेटर लिखने का आइडिया

ऑपरेशन के बाद वैशाली ने कहा कि मुझ जैसी एक आम बच्ची के लिए प्रधानमंत्री ने मदद दी इससे मुझे काफी खुशी हुई है। मैं पीएम मोदी जैसा बड़ा बनने की सोच रही हूं जिससे देश की सेवा कर सकूं।

बच्ची ने बताया की उसे लेटर लिखने का आइडिया प्रधानमंत्री की एक योजना बेटी बचाओं बेटी पढ़ाओ एेेड देखकर आया था।

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