देशद्रोह कानून को बदलने की तैयारी, हो रही है समीक्षा

0

नई दिल्‍ली। देशद्रोह कानून बदल सकता है। केंद्र की मोदी सरकार देशद्रोह कानून की समीक्षा कर रही है। कानून मंत्रालय ने लॉ कमीशन से कहा है कि इस कानून की समीक्षा की जाए।

देशद्रोह कानून

देशद्रोह कानून: मोदी सरकार और विपक्ष में तनातनी

जेएनयू के देशद्रोह केस में मोदी सरकार और विपक्षी दलों के बीच जमकर तनातनी चल रही है, लेकिन केंद्र देशद्रोह इस कानून में बदलाव की तैयारी कर चुका है। देशद्रोह कानून की धारा 124 (ए) की समीक्षा की जा रही है। दिसंबर 2014 में लॉ कमीशन ने कहा था कि इस कानून में बदलाव के लिए कुछ खास बिंदुओं की पहचान की है।

shashi_tharoor-2132

थरूर के प्रस्‍ताव को मंजूरी  

संसद ने पिछले हफ्ते ही कांग्रेस सांसद शशि थरूर के इस कानून के 124 (ए) में संशोधन के प्रस्ताव को मंजूरी दे दी है। थरूर ने कहा था कि इसमें कोई शक नहीं है कि जेएनयू की घटना ने लोगों का ध्यान इस कानून की ओर खींचा है। हो सकता है कि इस घटना के बाद कुछ लोगों की राय और भी कठोर हो गई हो लेकिन इसके साथ ही इस घटना ने देशद्रोह कानून के दुरुपयोग की ओर भी ध्यान दिलाया है। मुझे उम्मीद कि इससे देशद्रोह कानून के मसले पर चर्चा होगी।

गांधी, नेताजी पर चल चुका है देशद्रोह का केस

थरूर ने अपने प्रस्ताव में कहा है कि ब्रिटिश काल में महात्मा गांधी, सुभाष चंद्र बोस, ऐनी बेसेंट और बाल गंगाधर तिलक जैसे स्वतंत्रता सेनानियों पर देशद्रोह का केस किया गया था।

loading...
शेयर करें