दो साल से नहीं दिखीं, लेकिन अब कर्नाटक में कांग्रेस को जिताने आई ये सबसे दिग्‍गज नेता

कर्नाटक नई दिल्‍ली। आज से ठीक चार दिनों बाद कर्नाटक में विधानसभा चुनाव के लिए वोट डाले जाएंगे। इससे पहले राज्‍य की तीनों प्रमुख पार्टियां बीजेपी, कांग्रेस और जेडीएस चुनाव में जीत के लिए एड़ी-चोटी का जोर लगाने में जुटी हुई हैं। तीनों पार्टियां चुनाव प्रचार अभियान में बड़े-बड़े दिग्‍गज नेताओं को उतारने में जुटी हुईं हैं।

कर्नाटक में विधानसभा चुनाव

एक तरफ जहां बीजेपी की ओर से प्रचार की कमान खुद पीएम मोदी संभाल रहे हैं, वहीं दूसरी ओर कांग्रेस की ओर से कांग्रेस अध्‍यक्ष के साथ अब खुद सोनिया गांधी भी कर्नाटक में प्रचार के लिए उतर पड़ी हैं। आपको बता दें कि यूपी विधानसभा चुनाव से पहले वाराणसी में रोड़ शो के दौरान सोनिया की अचानक तबीयत बिगड़ गई थी, इसके बाद उन्‍हें एयरलिफ्ट कर दिल्‍ली लाया गया था। इसके बाद से सोनिया ने अभी तक किसी भी चुनाव में प्रचार नहीं किया है।

बता दें कि सोनिया की तबियत बिगड़ने के बाद यूपी, गुजरात और पंजाब सहित कई राज्‍यों में विधानसभा चुनाव हुए, लेकिन वह कहीं भी प्रचार के लिए नहीं गईं। वहीं अब सोनिया कर्नाटक विधानसभा चुनाव के प्रचार में शामिल हो रही हैं, ऐसे में इसके पीछे कई सियासी मायने बताए जा रहे हैं।

दरअसल सोनिया ने सियासत में कदम रखने के बाद अपना पहला चुनाव 1999 में यूपी के अमेठी के साथ-साथ कर्नाटक के बेल्लारी लोकसभा सीट से भी लड़ा था। बीजेपी ने बेल्लारी से सोनिया को घेरने के लिए उनके सामने दिग्गज नेता सुषमा स्वराज को मैदान में उतारा था। लेकिन सोनिया ने सुषमा को करारी मात देकर जीत हासिल की थी और सांसद बनी थीं।

आपको बता दें कि सोनिया गांधी के बेल्लारी सीट से लड़ने के पीछे एक बड़ी वजह ये थी कि उनकी सास और देश की पूर्व प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी ने भी बेल्लारी को अपनी कर्म भूमि बनाया था। ऐसे में कर्नाटक का कांग्रेस से पुराना नाता रहा है। यही वजह है कि सोनिया कर्नाटक विधानसभा चुनाव में पार्टी जिताने और अपना नाता जोड़ने के लिए उतरना पड़ रहा है।

वहीं दूसरी तरफ कर्नाटक पंजाब के बाद कांग्रेस का सबसे मजबूत गढ़ माना जाता है। ऐसे में अपना किला बचाने के लिए कांग्रेस ने अपनी पूरी ताकत लगा दी है। कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी लगातार वहां रैलियां करने के साथ-साथ मंदिर, मठों सहित विभिन्न धार्मिक स्थलों में जाकर पूजा अर्चना कर रहे हैं। इसके अलावा कर्नाटक में कांग्रेस दिग्गज नेता डेरा जमाए हुए हैं। इन सबके बावजूद कांग्रेस कोई कोर कसर नहीं छोड़ना चाहती है। ऐसे में कांग्रेस ने सोनिया गांधी को भी प्रचार में उतारने का दांव चला है।

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