‘द जंगल बुक’ ने कमाई में तोड़े अब तक के सारे रिकॉर्ड

0

मुंबई| भारत में डिजनी की फिल्म ‘द जंगल बुक’ की पहले दिन की शुरुआत काफी अच्छी हुई है। भारत के जंगलों में रहने वाले एक लड़के की कहानी पर आधारित फिल्म ने पहले दिन ही 10 करोड़ रुपये (15 लाख डॉलर) की कमाई कर ली है। निर्माताओं की ओर से जारी बयान के मुताबिक, भारत में शुक्रवार को हिंदी और अंग्रेजी में रिलीज हुई फिल्म ने पहले दिन 10.09 करोड़ रुपये की कमाई की है। व्यापार विश्लेषक तारन आदर्श ने कहा कि फिल्म ने काफी बेहतरीन शुरुआत की है और इसे काफी अच्छी प्रतिक्रिया मिली है।

 'द जंगल बुक'

‘द जंगल बुक’ ने पहले ही दिन की रिकॉर्ड तोड़ कमाई

आदर्श ने ट्वीट किया, “सबसे अच्छी बात यह है कि बॉलीवुड और हॉलीवुड में ‘एयरलिफ्ट’ के बाद 2016 में अब तक ‘द जंगल बुक’ ही पहले दिन सबसे अधिक कमाई करने के मामले पर दूसरे नंबर पर है।”

‘आयरन मैन’ के निर्देशक द्वारा निर्देशित फिल्म भारत के जंगलों में रहने वाले एक लड़के की कहानी है, जो रुडयार्ड किपलिंग लिखित और 1894 में प्रकाशित कथा को एक आधुनिक रूप में प्रस्तुत करती है। इस फिल्म में भारतीय-अमेरिकी बाल अभिनेता नील सेठी को मोगली का किरदार निभाते देखा जा रहा है। यह फिल्म अमेरिका में रिलीज होने से एक सप्ताह पहले यहां रिलीज हुई है।

मोगली पर नया विवाद

रुडयार्ड किपलिंग की कहानियों पर ‘द जंगल बुक’ एक अमेरिकी साहसिक फिल्म है। इस फिल्म को जस्टिन मार्क्स ने लिखा है और इसके निर्माता वॉल्ट डिजनी पिक्चर्स हैं। वॉल्ट डिजनी अमूमन बच्चों के लिए रोमांचकारी फिल्में बनाने के लिए जाने जाते हैं। वहीं, मोगली एक ऐसा किरदार है, जो आज भी भारतीय युवाओं के दिल में है। लेकिन अब इस पर आधारित फिल्म को U/A सर्टिफिकेट मिलने से सोशल मीडिया पर नाराजगी की लहर दिख रही है।

इससे पहले सेंसर बोर्ड जेम्स बॉन्ड सीरीज की फिल्म ‘स्पेक्टर’ में एक किस की अवधि कम करके विवादों में आ चुका है। लेकिन अब बच्चों की फिल्म को डरावनी फिल्म का सर्टिफिकेट देने पर उसकी तीखी आलोचना शुरू हो चुकी है।

इस विवाद में बॉलीवुड के लोग भी कूद पड़े हैं। फिल्म निर्माता मुकेश भट्ट का कहना है कि ‘द जंगल बुक’ को U/A सर्टिफिकेट देना यह दिखाता है कि हमारी सोच कितनी खराब होती जा रही है। सेंसर बोर्ड ने अपना विवेक खो दिया है। अगर जंगल बुक को U/A सर्टिफिकेट मिल रहा है तो सरकार को सीबीएफसी के बारे में दोबारा सोचने की जरूर है। उन्होंने सीबीएफसी प्रमुख पहलाज निहलानी के बारे में कहा कि वह कुछ लोगों के हाथ की कठपुतली बनकर रह गए हैं।

उन्होंने कहा कि अगर लोग मुझसे पूछें कि क्या सेंट्रल बोर्ड ऑफ फिल्म सर्टिफिकेशन यानी सीबीएफसी को कूड़ेदान में फेंक देना चाहिए तो मैं कहूंगा कि हां, यही होना चाहिए। उन्होंने जंगल बुक को U/A सर्टिफिकेट मिलने को भारत के शर्मनाक करार दिया है।

loading...
शेयर करें