किताबों में पढ़ाया जा रहा पाठ, ध्वनि प्रदूषण के लिए मस्जिद जिम्मेदार

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नई दिल्ली। आईसीएसई बोर्ड की किताबों में मस्जिद को ध्वनि प्रदूषण के स्रोत के रूप में बताया गया है। इसे लेकर सोशल मीडिया पर लोगों का गुस्सा फूट पड़ा है। आईसीएसई की क्लास 6 की किताबों में यह पढ़ाया जा रहा है। इस किताब के एक पेज पर एक तस्वीर छापी गई है जिसमें ट्रेन, कार, विमान और मस्जिद से निकल रही आवाजों को दर्शाया गया है।

ध्वनि प्रदूषण

आईसीएसई की  6th क्लास में मस्जिद को दिखाया ध्वनि प्रदूषण का स्रोत

किताब की यह फोटो सोशल मीडिया पर वायरल होते ही बवाल मच गया है। लोग प्रकाशक से माफी की मांग के साथ किताब के मौजूदा संस्करण से तस्वीर हटाने की मांग कर रहे हैं। विवाद के बाद किताब छापने वाली कंपनी ने माफी मांगते हुए कहा कि आगामी संस्करणों से यह फोटो हटा ली जाएगी।

इस किताब को सेलिना पब्लिशर्स ने छापा है। इसमें में ध्वनि प्रदूषण के कारणों पर एक चैप्टर है। इसमें छापी गयी एक तस्वीर में ट्रेन, कार, प्लेन और मस्जिद को शोर पैदा करने वाली वस्तुओं के रूप में दिखाया है। साथ में खड़ा आदमी हाथों से कानों को बंद किए हुए परेशान दिख रहा है।

सोशल मीडिया का इस्तेमाल करने वाले लोगों ने किताब वापिस लेने की मांग को लेकर अब एक ऑनलाइन याचिका शुरू की है। इस मामले में आईसीएसई के मुख्य कार्यकारी एवं सचिव गेरी अराथून ने कहा कि बोर्ड स्कूलों के लिए पाठ्य-पुस्तक का प्रकाशन या उसे पढ़ाने की सिफारिश नहीं करता।

उन्होंने कहा, अगर आपत्तिजनक सामग्री वाली कोई किताब कुछ स्कूलों में पढ़ाई जा रही है तो इस तरह की चीज न हो, यह सुनिश्चित करने का काम स्कूलों एवं प्रकाशक का है।

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