नोटबंदी से गई नौकरी, पैसा कमाने के लिए छापे नकली नोट

नई दिल्‍ली। नोटबंदी से एक व्‍यक्ति की नौकरी चली जाती है। वह परेशान हो जाता है। उसे नौकरी नहीं मिलती। वह गलत रास्‍ता अपनाकर नकली नोट छापने का काम शुरु करता है। वहीं भी उसकी खराब किस्‍मत साथ नहीं छोड़ती। वह और उसका गैंग पुलिस के हत्‍थे चढ़ जाता है।

नकली नोट

नकली नोट छापने वाले गैंग का पुलिस ने किया पर्दाफाश

मंगलवार को दिल्ली पुलिस ने इस गैंग का पर्दाफाश किया। पुलिस ने इस मामले में दो ग्राफिक डिजाइनरों को गिरफ्तार किया है। आरोपियों के पास से पुलिस ने 500 और 2000 के 6 लाख 10 हजार रुपये के नकली नोट बरामद किए हैं।

पैसा कमाने के लिए चुना गलत रास्‍ता

नोटबंदी के बाद एक ग्राफिक डिजाइनर की नौकरी चली गई तो उसने पैसा कमाने के लिए अपराध का रास्ता चुन लिया। नजफगढ़ का रहने वाला कृष्ण एक ऑटोमोबाइल कंपनी में बतौर ग्राफिक डिजाइनर कार्यरत था। नोटबंदी के बाद कृष्ण की नौकरी चली गई। पेशे से ग्राफिक डिजाइनर कृष्ण ने पैसा कमाने के लिए अपने हुनर का इस्तेमाल किया। जिसके बाद कृष्ण ने अपने एक साथी के साथ नकली नोट छापना शुरु कर दिया।

करीब छह लाख के छापे नकली नोट

कृष्ण और उसके दूसरे ग्राफिक डिजाइनर साथी ने तकरीबन 6 लाख 10 हजार रुपये के 500 और 1000 के नकली नोट छाप लिए थे। नकली नोट बाजार में पहुंच पाते, उससे पहले पुलिस आरोपियों तक पहुंच गई. पुलिस ने दोनों को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस पूछताछ में कृष्ण ने खुलासा किया कि अभी तक वह 25 हजार रुपये के नकली नोट बाजार में चला चुका है। पुलिस ने बताया कि आरोपी कृष्ण कोरल आर्ट, पेज मेकर, फोटो शॉप आदि में बेहतर जानकारी रखता है।

पुलिस ने जब्‍त किए दस्‍तावेज

कृष्ण पेशे से कंप्यूटर टीचर भी रह चुका है। पुलिस ने आरोपियों के पास से कलर प्रिंटर, कागज, कई तरह की इंक समेत नोट बनाने में प्रयोग किया जाने वाला काफी सामान बरामद किया है। फिलहाल पुलिस मामले की जांच करते हुए आरोपियों से पूछताछ कर रही है।

Related Articles

Leave a Reply

Back to top button