पीएम मोदी की बड़ी कामयाबी, आतंकवाद के खिलाफ जंग में भारत का साथ देगा अमेरिका

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नई दिल्ली: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की विदेश यात्राओं को लेकर विपक्ष हमेशा से ही हमलावर रहा है। लेकिन मोदी की ये अमेरिकी यात्रा इस हद तक देश के हित में है, यह बात उनकी मंगलवार को ख़त्म हुई दो दिवसीय अमेरिकी यात्रा से जान सकते हैं। अगर नरेंद्र मोदी की इस पूरी यात्रा पर एक नजर डाली जाए तो उनकी इस यात्रा को वर्तमान समय में देश की सबसे बड़ी समस्या आतंकवाद के खिलाफ एक नई मुहिम की शुरुआत के रूप में देखा जा सकता है। इस दौरान उन्होंने देश के विकास के लिए भी कदम बढ़ाया है।

नरेंद्र मोदी

नरेंद्र मोदी की अमेरिका यात्रा पर एक नजर

आइये जानते हैं कि पीएम मोदी ने अपनी अमेरिकी यात्रा के दौरान किस तरह से आतंकवाद और आतंकवाद के जनक कहे जाने वाले पाकिस्तान को अपने निशाने पर लिया।

21 कंपनियों ने सीईओ से की मुलाक़ात

बात शुरू करते हैं 25 जून से, जिस दिन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी अमेरिका पहुंचे थे। उनके अमेरिका पहुँचने से पहले ही डोनाल्ड ट्रंप ने उन्हें अच्छे दोस्त की उपाधि देते हुए अमेरिका-भारत के बीच स्थित घनिष्ठ संबंध को दर्शाया था। यहां वे 21 कंपनियों के सीईओ से मिले जिनके सामने उन्होंने राजग सरकार के कार्यकाल में देश के विकास का मुद्दा रखा। कंपनियों के सीईओ के साथ की गोलमेज बैठक में मोदी ने कहा कि राजग सरकार की नीतियों के चलते भारत ने सबसे ज्यादा FDI को आकर्षित किया है। उन्होंने कहा कि भारत के विकास में हिस्सा बनकर फायदा उठाएं, साथ ही उन्होंने देश में अगले महीने से लागू होने जा रही GST को भी कारोबार सुगमता के लिए परिवर्तन लाने वाला बताया।

भारतीय अप्रवासियों से की मुलाक़ात

इसके बाद पीएम नरेंद्र मोदी ने वर्जिनिया के अप्रवासी भारतीयों से भी मुलाक़ात की जहां उन्होंने आतंकवाद और भ्रष्टाचार जैसे देश विरोधी मुद्दों को का जिक्र किया। वहां उन्होंने अप्रवासी भारतीयों को बताया कि किस तरह से देश ने भ्रष्टाचार और आतंकवाद जैसी मुश्किलों का डटकर सामना किया है। आतंकवाद का जिक्र करते हुए उन्होंने यहां रह रहे देशवासियों को इसी वर्ष पाकिस्तान के खिलाफ की गई सर्जिकल स्ट्राइक से भी रूबरू कराया। साथ ही उन्होंने अमेरिका में रह रहे भारतीय लोगों को अपने घर यानी देश के विकास के लिए अपने अनुभवों को बांटने की अपील भी की।

मोदी ने कहा कि भारत के लिए आतंकवाद एक गंभीर और चिंतित विषय है, वह कभी भी इस मुद्दे पर पीछे नही हटेगा। सर्जिकल स्ट्राइक का जिक्र करते हुए पीएम मोदी ने कहा कि किसी देश ने भारत की इस कार्रवाई का विरोध नहीं किया क्योंकि हर किसी को पता है कि भारत ने जो किया वो सही था। जो पहले आतंकवाद की परेशानी समझने को तैयार नही थे वो अब इसे समझ गए हैं। भारत ने साफ संदेश दे दिया है कि संयम को कमजोरी नहीं समझा जाए।

डोनाल्ड ट्रंप के साथ मिलकर पाकिस्तान को दी चेतावनी

नरेंद्र मोदी ने व्हाईट हाउस जाकर ट्रंप से मुलाक़ात भी की। ट्रंप और उनकी पत्नी मेलेनिया ने मोदी का स्वागत किया जिसका उन्होंने दिल से आभार भी जताया। यहां मोदी और ट्रंप के भी विभिन्न मुद्दों पर द्विपक्षीय वार्ता हुई। नही मुद्दों में से एक आतंकवाद भी था। अपने साझा बयान में डोनाल्ड ट्रंप ने दुनिया से इस्लामिक आतंक को खत्म करने की बात कही। वहीं, पीएम मोदी ने सीमापार आतंकवाद का मुद्दा उठाया। इसके साथ ही दोनों देशों ने पाकिस्तान से कहा कि वह मुंबई हमलों और पठानकोट में हुए आतंकी हमले के साजिशकर्ताओं को जल्द न्याय के कठघरे में लाए।

इस दौरान पीएम नरेंद्र मोदी ने डोनाल्ड ट्रंप और उनकी बेटी इवांका ट्रंप को भारत आने का न्यौता भी दिया। मोदी ने कहा कि मैंने राष्ट्रपति ट्रंप को परिवार सहित भारत आने का न्येता देता हूं। मैं इनका का स्वागत करने की प्रतीक्षा कर रहा हूं। मेरा निमंत्रण स्वीकार करने के लिए राष्ट्रपति ट्रंप का धन्यवाद।

नरेंद्र मोदी के सम्मान में ट्रंप ने वर्किंग डिनर का आयोजन किया। विदेश मंत्रालय के बयान के मुताबकि डिनर के दौरान भी दोनों नेताओं ने कई अहम मुद्दों पर चर्चा की है। दिलचस्प बात यह है कि व्हाईट हाउस में इस तरह का डिनर इससे पहले अमेरिकी राष्ट्रपति ने किसी दूसरे देश के प्रमुख को नहीं दिया है। इसके बाद प्रधान्मन्य्री नरेंद्र मोदी नीदरलैंड के लिए रवाना हो गए।

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