भारत के विकास के लिए पीएम मोदी ने लाओस की तरफ बढ़ाया कदम

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नई दिल्ली| प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 14वें भारत-आसियान शिखर सम्मेलन और 11वें पूर्वी एशिया शिखर सम्मेलन में हिस्सा लेने के लिए  रवाना हो गए। नरेंद्र मोदी बुधवार को भारत-दक्षिण पूर्वी एशियाई राष्ट्र संघ (आसियान) के वार्षिक शिखर सम्मेलन में हिस्सा लेंगे, जबकि गुरुवार को वह पूर्वी एशिया शिखर सम्मेलन में शामिल होंगे।

नरेंद्र मोदी

नरेंद्र मोदी के साथ  इंडोनेशिया, मलेशिया, फिलीपींस के नेता भी होंगे शामिल

बात दें कि लाओस जाने से पहले मंगलवार को पीएम मोदी ने कहा था कि पूर्वोत्तर भारत के विकास की कुंजी दक्षिण पूर्व एशिया में छिपी हुई है। मोदी ने अपने फेसबुक पेज पर लिखा है कि हमारी ऐक्ट ईस्ट पॉलिसी में आसियान हमारा अहम साझेदार है, जो पूर्वोत्तर भारत के आर्थिक विकास की दृष्टि से भी बेहद अहम है।

प्रधानमंत्री भारत और आसियान देशों के बीच आज को होने वाले वार्षिक सम्मेलन और आठ सितंबर को पूर्वी एशिया सम्मेलन में हिस्सा लेंगे। मोदी ने आगे लिखा है कि आसियान देशों के साथ हमारी रणनीतिक साझेदारी हमारे सुरक्षा हितों की रक्षा करने और उसके प्रचार-प्रसार की दृष्टि से और क्षेत्र में पारंपरिक एवं गैर-पारंपरिक सुरक्षा चुनौतियों के लिए भी काफी अहम है। उन्होंने लिखा है कि एशिया-प्रशांत क्षेत्र की चुनौतियों एवं अवसरों पर चर्चा के लिए पूर्वी एशिया शिखर सम्मेलन एक अहम मंच है।

भारत-आसियान शिखर सम्मेलन में 10 दक्षिण-पूर्वी एशियाई राष्ट्रों- इंडोनेशिया, मलेशिया, फिलीपींस, सिंगापुर, ब्रुनेई, कंबोडिया, लाओस, म्यांमार, वियतनाम तथा थाईलैंड के नेता हिस्सा लेंगे। वहीं, पूर्वी एशिया शिखर सम्मेलन में 10 एशियाई राष्ट्रों के नेता हिस्सा लेंगे, जिनमें भारत, चीन, जापान, दक्षिण कोरिया, आस्ट्रेलिया, न्यूजीलैंड, अमेरिका और रूस शामिल हैं।

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