मप्र में नर्मदा सेवा मिशन की शुरुआत 15 मई से

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भोपाल। मध्यप्रदेश में अवैध रेत खनन के लिए चर्चित नर्मदा नदी को प्रदूषण मुक्त करने के लिए चलाई जा रही ‘नमामि देवी नर्मदे सेवा यात्रा’ के समापन के साथ प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की मौजूदगी में 15 मई को नर्मदा सेवा मिशन की शुरुआत होगी। मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने रविवार को तैयारियों का जायजा लिया। आधिकारिक तौर पर दी गई जानकारी के अनुसार, मुख्यमंत्री चौहान ने कार्यक्रम की तैयारियों का जायजा लेते हुए कहा कि नर्मदा नदी के संरक्षण और संवर्धन का कार्य अनवरत जारी रहेगा। इसके लिए नर्मदा सेवा मिशन गठित किया गया है। इस मिशन का शुभारंभ 15 मई को विशाल कार्यक्रम में अमरकटंक से किया जाएगा। इसमें प्रधानमंत्री मोदी तथा साधु-संत और पर्यावरण विशेषज्ञ शामिल होंगे।

नर्मदा सेवा मिशन

नर्मदा सेवा मिशन की शुरुआत मई से

मुख्यमंत्री चौहान ने कार्यक्रम के संबंध में व्यापक दिशा निर्देश देते हुए कहा कि नर्मदा सेवकों एवं जनता को किसी भी तरह की असुविधा नहीं हो। आठ मई को आयोजित होने वाले जल सम्मेलन में पर्यावरण विशेषज्ञों से सुझाव लिए जाएंगे। इसके बाद पर्यावरण और नदी संरक्षण की कार्य-योजना बनाई जाएगी। उन्होंने दो जुलाई को बड़े पैमान पर होने वाले पौधरोपण की तैयारियों और पौधों की व्यवस्था करने के भी निर्देश दिए।

बैठक में बताया गया कि नर्मदा सेवा यात्रा में आम जनता की भागीदारी निरंतर बढ़ रही है। यात्रा 148 दिनों में 3350 किलोमीटर की दूरी 15 मई को अमरकंटक में पूरी करेगी। यात्रा के दौरान 16 जिलों के 51 विकासखंड के नर्मदा तट पर बसे 650 से ज्यादा नगरों एवं गांवों में जन-संवाद आयोजित कर जनता को नदी और पर्यावरण संरक्षण के प्रति जागरूक बनाया गया है। प्रदेश में 700 से ज्यादा नर्मदा सेवा समितियां गठित की जा चुकी हैं। साथ ही 74 हजार से ज्यादा नर्मदा सेवकों का पंजीयन किया गया है।

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