तैयार रहो नवाज़, तुमको सबक सिखाने पीएम मोदी अपने इस योद्धा को भेज रहे हैं

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नई दिल्ली। कश्मीर मुद्दे पर पाकिस्तान  अपना अड़ियल रुख बरक़रार रखे हुए है। साथ ही बलूचिस्तान को ले‍कर दिया गया पीएम मोदी के बयान से भी काफी खफा है। इस महीने यूएन जनरल असेंबली का 71th सेशन है। इसमें भारत-पाकिस्तान आमने-सामने होंगे। खबरों की मानें तो यह तय है कि पीएम नवाज़ शरीफ लगातार दूसरे साल यूएन जनरल असेंबली में कश्मीर का मुद्दा उठाएंगे। अगर ऐसा हुआ तो विदेश मंत्री सुषमा स्वराज उन्हें करारा जवाब दे सकती हैं। पीएम नरेंद्र मोदी इस बार यूएन की मीटिंग में नहीं जाएंगे। उनकी जगह सुषमा स्वराज जाएंगी। सुषमा यूएन में भारतीय डेलिगेशन को लीड करेंगी।

नवाज़ शरीफ

नवाज़ शरीफ ने हुर्रियत नेताओं से मुलाकात की थी

बता दें कि नवाज ने हुर्रियत नेताओं से मुलाकात में कहा कि वे यूएन में कश्मीर पर हिंसा का मुद्दा उठाएंगे। पिछले साल भी यूएन में शरीफ ने यह मुद्दा उठाया था। उस वक्त भी सुषमा ने करारा जवाब दिया था। पाक पीएम शरीफ 21 सितंबर को यूएन में स्पीच देंगे। इस पर भारत के रिप्रेजेंटेटिव सैयद अकबरुद्दीन ने कहा था कि पाकिस्तान अपने देश को छोड़कर दूसरे की टेरिटरी में घुसने की कोशिश कर रहा है। इस बीच पाकिस्तान के विदेश मंत्रालय ने कहा है कि यूएन में उनका मुख्य एजेंडा कश्मीर में भारतीय सेना का ह्यूमन राइट्स वॉयलेशन होगा।

नवाज शरीफ ने यूएन में अपनी स्पीच में भारत के साथ रिश्ते सुधारने की जरूरत बताई थी। साथ ही चार शर्तें भी थोप दी थीं। कहा था- भारत कश्मीर से सेना हटाए। फलस्तीन और कश्मीर में विदेशी दखल खत्म हो। भारत पाकिस्तान में अस्थिरता फैलाना बंद करे, क्योंकि हम खुद आतंकवाद के शिकार हैं। भारत सैन्य ताकत के इस्तेमाल से परहेज करे।

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