#SurgicalStrike : मुश्किल में नवाज शरीफ, सेना कर सकती है तख्तापलट

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नई दिल्ली। भारतीय सेना ने पाकिस्तान में घुसकर उनके पाले गए आतंकियों को मार कर अपने शहीद जवानों का बदला ले लिया।  इस घटना के बाद पाकिस्तान में सियासत में भी उथल-पुथल मची हुई है।  जहां इस घटना से पाकिस्तान की नाक कट चुकी है।  वहीं अभी तक पाकिस्तान और वहां की मीडिया इस बात से इंकार करते आ रहें हैं, ऐसी कोई घटना भी घटी है। लेकिन हकीकत क्या है ये दुनिया को भी पता है। ख़बरें ये भी हैं कि नवाज शरीफ का तख्तापलट हो सकता है।

नवाज शरीफ का तख्तापलट

नवाज शरीफ का तख्तापलट कर पाकिस्तानी सेना सत्ता ले सकती है अपने हाथ

इस घटना को लेकर पाकिस्तान में सियासत तेज हो चुकी है। सभी विपक्षी पार्टियां प्रधानमंत्री को घेरने की तैयारी में हैं। पाकिस्तानी सेना भी बदले की तैयारियों में जुट चुकी है। सूत्रों के मुताबिक, नवाज शरीफ इस मामले को लेकर 5 अक्टूबर को संसद के विशेष सत्र बुलाने वाले हैं।  नवाज की पूरी कोशिश रहेगी कि वो सभी पार्टियों को अपनी तरफ करें और मामले को सबकी सहमती से निपटा पायें।

विरोधियों को साथ आने के बाद उनकी सरकार पर पाकिस्तानी सेना का दवाब भी कुछ कम हो जाएगा। इसी बीच अहम ख़बर ये है कि सेना प्रमुख राहिल शरीफ ने कह दिया है कि वह नवंबर में उनका कार्यकाल खत्म होने के बाद पद छोड़ देंगे, सो, सेना का शीर्ष पद रिक्त हो जाएगा, और यह फैसला प्रधानमंत्री को करना है कि उस पर कौन बैठेगा।

लेकिन बड़ी ख़बर ये है कि मीडिया और पाकिस्तान सरकार के कुछ अधिकारियों में भी अटकलें ज़ोरों पर हैं कि हो सकता है कि सेनाप्रमुख अपने कुछ या सभी अधिकार पद छोड़ने के बाद भी अपने पास ही रखना चाहें।  दरअसल पाकिस्तान की परिस्थियां ऐसी जिसमें कोई बड़ा फैसला लिया जा सकता है।  भारत की कार्रवाई के बाद पीएम नवाज पर चारो तरफ से दबाव बना हुआ है।

दुनिया के बड़े देशों से लेकर देश की सभी राजनीतिक दल और साथ में साथ सेना का सेना का दबाव। नवाज की स्थिति काफी मुश्किल नजर आ रही है। जानकारों का मानना है कि सेना भारत के खिलाफ बड़ी कार्रवाई पर अड़ी है, वहीं नवाज पर बड़े देशों का प्रेसर है। ऐसे में सेना नवाज शरीफ का तख्तापलट कर सत्ता अपने हाथ में ले सकती है।

आपको बता दें कि पाकिस्तान में सैन्य तख्तापलट कई बार हो चुका है। यहां तक कि मौजूदा प्रधानमंत्री नवाज़ शरीफ भी वर्ष 1999 में सेना द्वारा सत्ता से बेदखल किए जा चुके हैं, ऐसे देश में इस बात की अटकलें गर्म हैं कि जनरल पद पर बने रहेंगे, और इन अटकलों पर यकीन करने वालों में प्रधानमंत्री के वरिष्ठ सहयोगी तक शामिल हैं। हालांकि अभी ये सिर्फ ख़बरें हैं आने वाला समय बताएगा कि भारत का यह कदम पाकिस्तान को किस ओर ले जाता है।

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