16 बेटियां और 1 बेटा पैदा करने के बाद इस दंपत्ति ने खुशी में कराई नसबंदी

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नसबंदीगुजरात, (जितेन्द्र निषाद)। गुजरात में रह रहे आदिवासी जोड़े पिछले कई सालों से गांववालों ने समझाया कि वो नसबंदी करवा लें। लेकिन इस जोड़ें के कान पर जूं तक नहीं रेंगी। आज इस जोड़े के 17 बच्चे जिनमें से 16 लड़कियां हैं। इस बार रमसिन की पत्नी ने एक लड़के को जन्म दिया है। यही वजह है कि गुजरात के 44 वर्षीय रमसिन के की पत्नी नसंबदी के लिए राजी हो गई है।

नसबंदी नहीं कराई तो हो गईं 16 लड़कियां

रमसिन के मुताबिक, उसने अपनी पत्नी कन्नू संगोट की नसंबदी करवा भी दी है। रमसिन ने माना है कि उनका परिवार लड़के की चाहत में इतना बड़ा हो गया है। कन्नू ने 16वीं लड़की को 2015 के सितंबर माह में जन्म दिया था। रमसिन ने बताया कि उसे अपने बच्चों के जन्मदिन तक याद नहीं रहते। रमसिन ने कहा कि 17वें बच्चे के रूप में हुए लड़के का अभी तक नामकरण भी नहीं हो पाया है।

दूसरे लड़के की लालच में हुए लड़के

खबरों के मुताबिक, रमसिन को उनका इकलौता लड़का 2013 में हुआ था। रमसिन ने उसका नाम विजय रखा। इसके बाद रमसिन ने सोचा कि एक और लड़का होना चाहिए। उसकी इसी चाह की वजह से और लड़कियां हो गईं। रमसिन के मुताबिक, पहले उसकी पत्नी और वो चाहते थे कि उनकी देखरेख के लिए एक लड़का होना चाहिए। लेकिन इतनी लड़कियां होने के बाद उन्हें लगा कि लड़कियों की देखरेख के लिए कम से कम दो लड़के होने ही चाहिए।

रमसिन अपने परिवार के साथ एक मिट्टी के घर में रहते हैं। रमसिन दो बीघा जमीन में मक्का और गेंहूं की खेती करते हैं। गांववालों के काफी मनाने पर रमसिन ने अपनी बीवी को नसबंदी के लिए राजी किया। गांववालों ने समझाया था कि आने वाले वक्त में पढ़ाई तो दूर उसके लिए सभी बच्चों को पालना भी मुश्किल हो जाएगा।

रमसिन की 16 लड़कियों में से दो की मौत हो चुकी है। वहीं दो की उसने शादी कर दी है। बाकी दो को उसने काम करने के लिए राजकोट भेज रखा है। उसकी पत्नी भी ज्यादा कमाने के उद्देश्य से उसके साथ लगी रहती है।

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